महाराष्ट्र का सियासी संग्राम, बीजेपी की गुगली में एनसीपी, कांग्रेस, शिवसेना बोल्ड

महाराष्ट्र का सियासी संग्राम

नई दिल्ली। महाराष्ट्र का सियासी संग्राम ने फिर से अपना रूख बदला है। पिछले 30 दिनों से महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर चल रही माथा-पच्ची का अंत शनिवार को हो गया। शनिवार सुबह बीजेपी ने एनसीपी के सहयोग से सरकार बना ली। देवेंद्र फडणवीस को फिर से महाराष्ट्र का मुखिया बनने का सौभाग्य प्राप्त हो गया। हालांकि इस घटनाक्रम के बाद एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि इस घटना के लिए एनसीपी जिम्मेदार नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे एनसीपी का कोई लेना-देना नहीं है।

बता दें कि बीजेपी ने एनसीपी के अजीत पवार के सहयोग से महाराष्ट्र में सरकार बना लिया। देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री बने जबकि अजीत पवार को डिप्टी सीएम की कुर्सी दी गई। शनिवार को हुआ यह घटनाक्रम महाराष्ट्र में सबसे बड़ा उलटफेर है। इससे पहले शरद पवार ने भी ऐसी ही उलटफेर कर महाराष्ट्र के युवा सीएम बने थे और अपना करियर राजनीति में चमकाया था। कहते हैं कि इतिहास खुद को दोहराता है और ऐसा एक बार फिर से देखने को मिला।

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उधर शपथ लेने के बाद देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि जनता ने हमें स्पष्ट बहुमत दिया था। लेकिन शिवसेना ने जनादेश को नकार कर दूसरी जगह गठबंधन का प्रयास किया। महाराष्ट्र को एक स्थिर सरकार की जरूरत थी। महाराष्ट्र को स्थिर सरकार देने का फैसला करने के लिए अजित पवार को धन्यवाद।

बता दें कि इससे पहले महाराष्ट्र में शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के बीच सरकार बनाने को लेकर कई बार चर्चा हुई, लेकिन बात नहीं बन पाई। महाराष्ट्र में अचानक बदले घटनाक्रम के बाद शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। इस मामले पर तीनों दल सुप्रीम कोर्ट पहुंचे और रविवार सुबह सुप्रीम कोर्ट इस पर सुनवाई करेगी।

इस घटनाक्रम के बाद शिवसेना नेता संजय राउत ने अजित पवार पर विधायकों को धोखे से अपने साथ ले जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 8 में से 5 विधायक वापस लौट आए हैं। उनसे झूठ बोला गया और उनकी किडनैपिंग की भी कोशिश हुई। संजय राउत ने कहा कि हम धनंजय मुंडे के संपर्क में हैं। अजित पवार के वापस लौटने की संभावना है। उन्होंने बीजेपी को चुनौती देते हुए कहा कि अगर हिम्मत है तो विधानसभा में बहुमत साबित करके दिखाएं।

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वहीं कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने कहा कि महाराष्‍ट्र में बिना बैंड बाजा और बारात के मुख्‍यमंत्री व डिप्‍टी सीएम की शपथ ली गई। उन्‍हें बिना किसी जांच के शपथ दिलाई गई। सबकुछ छिपाकर किया गया। ऐसे में मुझे बू आती है कि कहीं ना कहीं कुछ गलत हुआ गया है। अहमद पटेल ने कहा कि इन्होंने बेशर्मी की इंतेहा को भी पार कर दिया है। आज का इतिहास काली स्याही में लिखा जाएगा।

एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने इस पर कहा कि अजित पवार ने जो किया है उसके लिए उनके खिलाफ प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी। अजित के साथ गए विधायक मेरे साथ हैं। महाराष्ट्र में सरकार हम ही बनाएंगे। अब आगे महाराष्ट्र का सियासी संग्राम कौन सा मोड़ लेगा, ये तो वक्त ही बताएगा। फिलहाल महाराष्ट्र में बीजेपी की सरकार बन गई है।

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दूसरी ओर इस घटनाक्रम के बाद आनन-फानन में एनसीपी की बैठक हुई और अजित पवार को विधायक दल के नेता पद से हटा दिया गया। अजित पवार की जगह जयंत पाटिल को एनसीपी विधायक दल का नेता चुना गया। जयंत राजाराम पाटिल महाराष्ट्र की राजनीति में जाना-माना नाम है। वह इस्लामपुर वालवा विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। इससे पहले वह वित्त मंत्री और गृह मंत्री भी रहे हैं।