6G टेक्नोलॉजी में भारत ने मारी बाजी, पेटेंट किया फाइल, 5G से 100 गुना ज्यादा होगी स्पीड

भारत में 6G टेक्नोलॉजी

6g Technology in India: भारत सरकार की तरफ से देश में 6G टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने के लिए पेटेंट फाइल किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि 6G टेक्नोलॉजी देश में लाने के लिए इसमें पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल किया जा सके। सरकार द्वारा इसके लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है।

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सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक भारत में 6G टेक्नोलॉजी को रोल आउट किया जा सके। इसके लिए भारत सरकार खुद बड़ी मात्रा में फंडिंग कर रही है। वर्तमान में देश के कई हिस्सों में 5G टेक्नोलॉजी को पहुंचा दिया गया है।

6G तकनीक में भारत किसी दूसरे देशों की तकनीक का इस्तेमाल नहीं करेगा। सरकार द्वारा इसके लिए स्वदेशी 6G की तकनीक पर शोध कार्य के लिए धन निवेश कर रही है। इस संबंध में केंद्रीय मंत्री देबूसिंहा चौहान ने संसद में जानकारी दी।

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भारत में 6G टेक्नोलॉजी पर सरकार की फंडिंग

6 जी की स्वदेशी तकनीक पर सरकार द्वारा फंडिंग किया जा रहा है। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 6G तकनीक पर एक विजन डॉक्युमेंट जारी किया गया है। अपने स्वदेशी टेक्नोलॉजी के माध्यम से भारत में बहुत ही फास्ट 6G टेक्नोलॉजी की ब्रांडबैंड सुविधा दी जाएगी।

2030 तक होगा रोल आउट

ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब भारत में सही तरीके से 5G टेक्नोलॉजी हर जगह नहीं पहुंच पाया है तो 6G टेक्नोलॉजी पर काम करने का क्या मतलब है? सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक इसे पूरी तरह से रोल आउट किया जा सके। भारत सरकार चाहती है कि 6G तकनीक में किसी अन्य देशों पर निर्भर न रहना पड़े और इसमें पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल किया जा सके।

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5G से 100 गुना ज्यादा होगी स्पीड

देश में 6G तकनीक आने के बाद इसकी स्पीड 5G के मुकाबले 100 गुना ज्यादा होगी। भारत में 6G टेक्नोलॉजी आने में अभी 6 से 7 साल का वक्त लगेगा। लेकिन सरकार चाहती है कि यह पूरी तरह से स्वदेशी टेक्नोलॉजी पर निर्भर रहे।

6G टेक्नोलॉजी आने से क्या होगा फायदा

बहुत से लोगों की शिकायत है कि जब देश में 5G टेक्नोलॉजी का विस्तार पूरी तरह से नहीं हो पाया है तो 6G टेक्नोलॉजी लाने की क्या जरूरत है। बता दें कि सरकार का उद्देश्य है कि 5G टेक्नोलॉजी की तरह 6जी टेक्नोलॉजी पर भी उन्हें दूसरे देशों पर निर्भर न रहना पड़े।

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वर्तमान में अमेरिका और चीन दुनिया के कई देशों में 5G टेक्नोलॉजी को इंट्रोड्यूस कर रहे हैं। यानी वह अपनी 5जी टेक्नोलॉजी को दूसरे देशों को बेच रहे हैं। ऐसे में भारत सरकार चाहती है कि भारत में 6G टेक्नोलॉजी का जल्दी विकास हो और इसमें लगने वाले उपकरण तथा अन्य संबंधित चीजों का विकास भारत में हो।

ऐसे में जब इसका विकास भारत में होगा तो भारत सरकार दुनिया के दूसरे देशों में स्मार्टफोन की तरह ही 6G टेक्नोलॉजी का निर्यात कर सकेगी और 6G तकनीक को अपनाने के लिए 6G पुर्जे और डिवाइस का विकास भारत में होगा। इससे भारत सरकार को रेवेन्यू भी मिलेगा और दुनिया के कई देशों में भारतीय तकनीक की पहुंच बढ़ेगी।

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