भारत से व्यापारिक रिश्ता तोड़कर मुश्किल में पाकिस्तान

India Pakistan business relation

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर से धारा 370 समाप्त होने के बाद पाकिस्तान ने भारत से व्यापारिक रिश्ता (India Pakistan business relation) तोड़ लिया है। पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे पाकिस्तान को और तगड़ा झटका लगा है। भारत से व्यापारिक रिश्ता (India Pakistan business relation) तोड़ने के बाद ईद के मौके पर पाकिस्तान में आम लोगों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं।

पाकिस्तान में आम लोगों और व्यापारियों का कहना है कि इस बार ईद मुश्किल मुश्किल होने वाली है। लोगों का कहना है कि इस बार भारत से चीजों के आयात पर लगा प्रतिबंध पाकिस्तान में महंगाई और बढ़ाएगी।

यह भी पढ़ें -   Black Money : स्विस बैंक रविवार को कालाधन पर करेगा बड़ा खुलासा

पाक में रेहड़ी लगाने वाले भी परेशान हैं। रेहड़ी पर प्याज बेचने वालों का कहना है कि ईद में बस 3-4 दिन बचे हैं और बाजार से रौनक गायब है। सब्जियों और प्याज के लिए भारत पर निर्भर हैं। मुझे यकीन है कि प्याज अब और महंगी होगी। इमरान खान हमें क्या खिलाना चाहते हैं?

जम्मू-कश्मीर

पाकिस्तान में वस्तुओं की कीमतें-

दूध 108 रुपये प्रति लीटर 
दही 122 रुपये प्रति किलो 
मटन 1009 रुपये प्रति किलो
केले 130 रुपये दर्जन 
सरसों का तेल 246 रुपये प्रति लीटर 
प्याज 64.69 रुपये प्रति किलो
टमाटर 66.57 रुपये प्रति किलो 
चीनी 77.30 रुपये प्रति किलो
केरोसिन 151.25 रुपये प्रति लीटर 
एलपीजी सिलेंडर 1362.50 रुपये (11 लीटर)
पेट्रोल 113.18 रुपये प्रति लीटर 
डीजल 127.30 रुपये प्रति लीटर

यह भी पढ़ें -   तीन तलाक पर बोले पीएम, इसके खिलाफ मुस्लिम समाज खुद आगे आएं

बता दें जम्मू-कश्मीर में हुए बदलाव पर पाकिस्तान की कोशिशों को लगातार धक्का लग रहा है। इस मुद्दे पर पाकिस्तान दुनिया में अलग-थलग पड़ता जा रहा है। रूस ने कहा है कि वह हमेशा भारत और पाकिस्तान के रिश्ते सामान्य रखने का समर्थन करता रहा है।

रूस ने कहा कि मास्को उम्मीद करता है कि भारत और पाकिस्तान नई दिल्ली द्वारा जम्मू एवं कश्मीर के दर्जे में किए गए बदलाव के कारण क्षेत्र में स्थिति को जटिल नहीं होने देंगे।

यह भी पढ़ें -   पाकिस्तान में चीनी दूतावास पर हमला, 3 हमलावर सहित 2 पुलिसकर्मी की मौत

विदेश मंत्रालय ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि दोनों देशों के बीच जो भी मतभेद हैं वे 1972 के शिमला समझौते और 1999 के लाहौर घोषणापत्र के प्रावधानों के अनुरूप राजनीतिक और कूटनीतिक तरीके से द्विपक्षीय आधार पर सुलझाए जाएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *