‘रूप की रानी’ श्रीदेवी के जीवन से जुड़ी कुछ ख़ास बातें, लिखीं अमर फिल्मों की एक लम्बी कहानी

डेस्क। श्रीदेवी ने कई फिल्मों को अमर कर दिया। उन्होंने अपने जीवन में कई फिल्मों में काम किया। उनके अभिनय से कई फिल्मों में खुद ही जान भर आई। उनके जाने के बाद फिल्म जगत अनाथ हो गया। श्रीदेवी ने दक्षिण की फिल्मों से अभिनय की शुरुआत की। फिर उन्होंने बॉलीवुड में भी कामयाबी के झंडे गाड़े।

उनका जन्म तमिलनाडु में हुआ था। श्रीदेवी ने बचपन से ही अभिनय के क्षेत्र अपनी कामयाबी के दौर के शुरुआत कर दी थी। बॉलीवुड की इस हसीन अदाकारा श्रीदेवी का जन्म 13 अगस्त 1963 को तमिलनाडु में हुआ था। उनकी माता का नाम राजेश्वरी है। श्रीदेवी के परिवार में उनकी एक बहन और दो सौतेले भाई हैं। बहन का नाम श्रीलता और भाईयों का नाम आनंद और सतीश है। उनके पिता एक वकील हैं और उनका नाम अयप्पन है।

श्रीदेवी ने फिल्मी दुनिया में कई अवार्ड अपने नाम किये हैं। उन्होंने मलयालम, तेलगु, तमिल, कन्नड़ भाषा में भी काम किया है। श्रीदेवी हिंदी सिनेमा की एक बेहतरीन अभिनेत्री मानी जाती हैं। फिल्म हिम्मतवाला की सफलता के बाद वो बॉलीवुड में सफल अभिनेत्रियों में गिने जाने लगी थीं। उन्हें भारत सरकार द्वारा साल 2013 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया।

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जब श्रीदेवी अपनी करियर की उड़ान भर रही थीं। तब उनको लेकर एक अपवाह उड़ी थी कि उन्होंने फिल्म अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती से शादी कर ली। चर्चा थी कि उन्होंने गुपचुप तरीके से मिथुन से शादी कर ली। हालांकि बाद में मिथुन चक्रवर्ती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने और श्रीदेवी के रिश्ते की सच्चाई बताई थी और सफाई दी थी। बाद में श्रीदेवी की शादी 1996 में निर्माता-निर्देशक बोनी कपूर से हुई। उनकी बेटियां हैं- जाह्नवी और खुशी कपूर।

श्रीदेवी ने अपनी पहली फिल्म की शुरुआत बचपन में ही कर दी थी। जब वो महज 4 साल की थीं। उनकी पहली फिल्म बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट थी। थुनविन से उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की थी बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट। बचपन में श्रीदेवी को फिल्म पूमबत्ता (मलयालम सिनेमा) के लिए केरला स्टेट फिल्म अवार्ड से सम्मानित किया गया था। उस दौरान उन्होंने कई मलयालम, तमिल और तेलगु फिल्मों में काम किया और उन्हें कई अवार्डों से सम्मानित किया गया।

बाद में श्रीदेवी ने अपनी फिल्मी करियर की शुरुआत साल 1979 में फिल्म सोलवां सावन से की थी। यह एक बॉलीवुड फिल्म थी। लेकिन ये फिल्म उतनी चली नहीं। श्रीदेवी को बॉलीवुड में पहचान फिल्म हिम्मतवाला से मिली। यह फिल्म 1983 में रिलीज हुई थी। यह फिल्म उस समय ब्लॉकस्बस्टर फिल्म थी। फिल्म में अभिनेत्री श्रीदेवी के अपोजिट अभिनेता जितेंद्र ने अभिनय किया था।

श्रीदेवी की 1983 में एक फिल्म आई थी सदमा। इसमें वो दक्षिण भारतीय अभिनेता कमल हासन के साथ नजर आई थीं। कहा जाता है कि इस फिल्म में उनके अभिनय से उनके आलोचक भी दंग रह गये थे। उन्हें इसी फिल्म के लिए पहली बार फिल्मफेयर के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का नामाकन मिला था। उसी दशक में श्रीदेवी की एक और फिल्म आई थी, नगीना।

नगीना, श्रीदेवी की अगली सुपर-डुपर हिट फिल्म थी। इस फिल्म ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिये थे। आज भी यह फिल्म उसी तरह से लोगों द्वारा पसंद किया जाता है। उस समय यह फिल्म सांपों वाली फिल्मों में पहले स्थान पर थी। इस फिल्म के सभी गाने हिट हुए थे। हालांकि इसी फिल्म का एक गाना ‘मैं तेरी दुश्मन, दुश्मन तू मेरा, मैं नागिन तू सपेरा’ एक आइकन गीत बन गया था। आज भी यह गीत सदाबहार है और बड़े चाव से सुना जाता है। फिल्म में श्रीदेवी ने अपने अभिनय से सांपों की एक नई कहानी लिख दी थी।

इसके बाद साल 1987 में उनकी एक और सुपर-डुपर हिट फिल्म आई ‘मिस्टर इंडिया’। इस फिल्म में वह एक पत्रकार की भूमिका में नजर आईं। इस फिल्म में उनके साथ अमरिश पुरी और अनिल कपूर भी थे। यह एक मल्टी स्टारर फिल्म थी। इस फिल्म में उनका रोल एक आईकॉनिक रोल माना जाता है। यह एक साइंटिफिक फिल्म थी। जिसमें आदमी के गायब होने की कहानी बताई गई थी। इसमें एक घड़ी के जरिये आदमी गायब हो जाता था। इसी फिल्म का एक गाना हवा-हवाई आज भी दर्शकों का पसंदीदा गाना है।

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इसके बाद 1989 में फिल्म चालबाज में वो दोहरी भूमिका में थी। इसी फिल्म के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के पुरुस्कार से सम्मानित किया गया था। उसके बाद आई फिल्म चांदनी। ‘चांदनी’ में श्रीदेवी के साथ फिल्म अभिनेता ऋषि कपूर थे। फिल्म यशराज फिल्मस के बैनर तले बनी थी। इसी फिल्म का एक गाना ‘मेरे हाथों में नौ-नौ चूड़ियां हैं’ आज भी शादियों में यह गाना काफी सुना जाता है। इसी फिल्म में श्रीदेवी ने एक गाने को भी अपनी आवाज दी थी। वह गाना था फिल्म का टाइटल सॉन्ग। गीत के बोल थे, ‘चांदनी… ओ मेरी चांदनी’।

उसके बाद फिल्म लम्हें के लिए श्रीदेवी को दूसरी बार फिल्मफेयर का पुरुस्कार मिला। यह फिल्म 1991 में रिलीज हुई थी। 1993 में श्रीदेवी मेगास्टार अमिताभ बच्चन के अपोजिट नज़र आयीं थीं। उन्होंने इस फिल्म में दो भूमिका अदा की थी। एक वॉरियर की और दूसरी उसकी बेटी की। फिल्म का नाम था ‘खुदा गवाह’। यह फिल्म समस्त भारत के साथ-साथ अफगानिस्तान में भी काफी हिट हुई थी। इस फिल्म में उनके अभिनय की काफी तारीफ हुई थी।

श्रीदेवी फिल्म जुदाई में अपनी दमदार भूमिका के लिए जानी जाती हैं। इस फिल्म में उनके साथ थे उर्मिला मातूंडकर और अनिल कपूर। इस फिल्म में वो अपने पति को पैसों के बदले बेच देती हैं। हालांकि बाद में उन्हें अपनी भूल का अहसास होता है और फिर उसके लिये वो फिल्म में अपने किये पर पछताती भी हैं। इसके अलावा भी उन्होंने कई हिट पिल्मों में काम किया है। आइए एक नजर डालते हैं उनकी फिल्मों पर।

श्रीदेवी की प्रसिद्ध फ़िल्में, जिनमें उनके किरदार सराहनीय है-

जुली, सोलवां सावन,सदमा, हिम्मतवाला,जाग उठा इंसान, अक्लमंद, इंकलाब, तोहफा, सरफ़रोश, बलिदान, नया कदम, नगीना, घर संसार, नया कदम ,मकसद, सुल्तान, आग और शोला, भगवान, आखरी रास्ता,जांबांज, वतन के रखवाले, जवाब हम देंगे, औलाद, नज़राना,कर्मा, हिम्मत और मेहनत, मिस्टर इंडिया, निगाहें, जोशीले ,गैर क़ानूनी,चालबाज,खुदा गवाह, लम्हे, हीर राँझा, चांदनी, रूप की रानी चोरों का राजा, चंद्रमुखी, चाँद का टुकड़ा,गुमराह,लाडला, आर्मी, जुदाई, हल्ला बोल, इंग्लिश विंग्लिश।

1996 में निर्देशक बोनी कपूर से शादी के बाद श्रीदेवी ने फ़िल्मी दुनिया से अपनी दूरी बना ली थी। लेकिन इस दौरान वह कई टीवी शोज में नजर आईं। श्रीदेवी ने साल 2012 में गौरी शिंदे की फिल्म इंग्लिश विंग्लिश से रूपहले परदे पर अपनी वापसी की। श्रीदेवी का निधन शनिवार 24 फरवरी 2018 को दुबई में हो गई। दुबई में श्रीदेवी अपने भतीजे मोहित मारवाह के विवाह समारोह में शामिल होने के लिए गई थीं। दुबई के होटल जुमैरा एमिरेट्स टावर में वो रुकी हुई थीं। इसी होटल के बाथरूम में वो बेहोश होकर गिर गई थीं। जिसके बाद उनका निधन हो गया।

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