रेलवे ने लॉकडाउन में 58 लाख यात्रियों को भेजा घर, चलाई 4197 श्रमिक स्पेशल ट्रेन

भारतीय रेलवे

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने दावा किया है कि उन्होंने 2 जून 2020 की सुबह 10 बजे तक 58 लाख से अधिक मजदूरों, यात्रियों, लॉकडाउन में फंसे लोगों और छात्रों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया। रेलवे ने कहा कि लॉकडाउन की अवधि के दौरान, 1 मई से 3 जून तक 4197 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया गया है। भारतीय रेलवे का दावा है कि सिर्फ मई में ही 50 लाख से अधिक लोगों को उनके घर तक पहुंचाया गया।

रेलवे के अनुसार, श्रमिक स्पेशल के अलावा रेलवे द्वारा 12 मई से 15 जोड़ी विशेष राजधानी ट्रेनों और 1 जून, 2020 से 100 जोड़ी विशेष मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों को चलाया जा रहा है। बता दें कि कोरोना वायरस संक्रमण के बाद हुए लॉकाडाउन में फंसे मजदूरों, तीर्थ यात्रियों, पर्यटकों, छात्रों और अन्य लोगों को विशेष ट्रेनों द्वारा देश के अलग-अलग हिस्सों में भेजा रहा है। रेलवे ने कहा कि गृह मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के बाद भारतीय रेलवे 1 मई, 2020 से “श्रमिक स्पेशल” ट्रेनों का संचालन कर रहा है।

रेलवे के अनुसार, 3 जून, 2020 तक देश भर में विभिन्न राज्यों से कुल 4,197 “श्रमिक स्पेशल” ट्रेनों का परिचालन किया जा चुका है। सुबह 09.00 बजे तक 81 ट्रेनें संचालन में थीं। अभी तक 34 दिनों में श्रमिक ट्रेनों के माध्यम से 58 लाख से ज्यादा प्रवासियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया जा चुका है।

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रेलवे ने कहा कि ये 4,197 ट्रेनें विभिन्न राज्यों से रवाना हुईं। शीर्ष 5 राज्य इस प्रकार हैं, जहां से सबसे ज्यादा ट्रेनें रवाना हुईं- गुजरात (1026 ट्रेन), महाराष्ट्र (802 ट्रेन), पंजाब (416 ट्रेन), उत्तर प्रदेश (294 ट्रेन) और बिहार (294 ट्रेन)।

रेलवे के अनुसार, सबसे ज्यादा श्रमिक स्पेशल उत्तर प्रदेश और बिहार के लिए चलाई गई। रलवे ने कहा कि श्रमिक स्पेशल रेलगाड़ियां का परिचालन जहां पर समाप्त हुआ उनमें बिहार और यूपी सबसे आगे हैं। उत्तर प्रदेश में 1682 ट्रेनों का परिचालन समाप्त हुआ। जबकि बिहार में 1495 ट्रेनों का परिचालन समाप्त हुआ। वहीं झारखंड में 197 ट्रेन, ओडिशा में 187 ट्रेन, और पश्चिम बंगाल में 156 ट्रेन गई।

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भारतीय रेलवे ने कहा कि उन श्रमिक स्पेशल रेलगाड़ियों के अलावा रेलवे द्वारा नई दिल्ली से 15 जोड़ी विशेष राजधानी जैसी गाड़ियों का भी परिचालन किया गया। यह गाड़ियां देश के 15 अलग-अलग रूटों पर चलाई गईं।