विदाई समारोह में बोले राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, संसद को बार-बार बाधित न करें

president-pranab-mukherjee-farewell-ceremony-parliament

नई दिल्ली। वर्तमान राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को संसद के केंद्रीय कक्ष में आयोजित एक भव्य समारोह में विदाई दी गई। विदाई समारोह में सभी गणमान्य नेता मौजूद थे। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का स्वागत उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी, लोकसभाध्यक्ष सुमित्रा महाजन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संसदीय मामलों के मंत्री अनंत कुमार ने किया। विदाई समारोह में सभी नेताओं ने राष्ट्रपति मुखर्जी के लोकतांत्रिक मूल्यों को बरकरार रखने में उनके योगदान को याद किया।

Read Also: रामनाथ कोविंद होंगे देश के 14वें राष्ट्रपति, मिले 66 प्रतिशत वोट

विदाई समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवानी, पूर्व  प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी मौजूद थे। विधाई समारोह में अपने संबोधन में लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि ‘यह हम सभी के लिए राष्ट्रपति मुखर्जी के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करने का एक सुअवसर है।’ जबकि वर्तमान उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा कि उन्होंने अक्सर लोगों से स्वयं को देश के लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पित करने की अपील की।

यह भी पढ़ें -   दाऊद की प्रॉपर्टी हुई इतने करोड़ में नीलाम

Read Also: Reliance Jio का धमाका, मात्र 148 में पाएं सालभर फ्री डाटा

अपने संबोधन में हामिद अंसारी ने राष्ट्रपति मुखर्जी के भारत के विचार में उनके अटल विश्वास के लिए प्रशंसा की। राष्ट्रपति के सम्मान में उन्होंने कहा कि मुखर्जी ने देश की ‘सबसे बड़ी ताकत’ के तौर पर बहुलवाद और विविधता पर जोर दिया। उन्होंने शीर्ष पद की काफी प्रतिष्ठा और गरिमा बढ़ाई। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर उनके विचारों ने इस पद का कद बढ़ाया है।’

Read Also: शर्मनाक! कलियुग में पत्नी बनी ‘द्रोपदी’, जुए में पत्नी को हारा पति

यह भी पढ़ें -   चीन ने फिर दिखाई दादागिरी, इस जगह पर ठोका दावा

विदाई समारोह के आयोजन के लिए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने सभी सांसदों को धन्यवाद किया और आभार व्यक्त किया। उन्होंने संसद की कार्यवाही को बाधित करने के मामले में कहा कि सांसदों को संसद की कार्यवाही को बार-बार बाधित करने से बचना चाहिए। इससे विपक्ष को अधिक नुकसान होता है। साथ ही मुखर्जी ने यह भी कहा कि सरकार को भी अध्यादेश का रास्ता बार-बार अपनाने से बचना चाहिए। इसे किसी अपरिहार्य परिस्थितियों के लिए बचाकर रखना चाहिए।

Read Also: ये हैं बिहार के ऐसे नेता जिनकी राजनीति सबके समझ से परे है

यह भी पढ़ें -   म्यांमार की सेना नेताओं की रिहाई जल्द करे, नहीं तो कार्रवाई होगी - अमेरिका

विदाई समारोह में अपने राष्ट्रपति भवन में बिताए गए पलों को याद करते हुए कहा कि ‘मैं इस भव्य इमारत से खट्टी मिट्ठी यादों और इस सुकून के साथ जा रहा हूं कि मैंने इस देश के लोगों की उनके एक सेवक के तौर पर सेवा की।’


देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए बने रहें हमारे साथ। लेटेस्ट न्यूज के लिए हन्ट आई न्यूज के होमपेज पर जाएं। आप हमें फेसबुक, पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब कर सकते हैं। खबरों का अपडेट लगातार पाने के लिए हमें गूगल न्यूज पर फॉलो करें।