आधार पर ‘सुप्रीम’ फैसला जान लीजिये, कहां जरूरी और कहां जरूरी नहीं

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नई दिल्ली। आधार को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है। आधार मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला देते हुए कहा कि आधार कार्ड संवैधानिक तौर पर वैध है। 5 में से 4 जजों ने आधार के पक्ष में फैसला दिया है।

आधार मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आधार कार्ड पूरी तरह सुरक्षित है। आधार से गरीबों को ताकत और पहचान मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि आधार के आंकड़े 6 महीने तक रखे जा सकेंगे। आइए जानते हैं कि सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद आम आदमी पर क्या होगा।

  1. आधार एक्ट 57 हटाया- सुप्रीम कोर्ट ने आधार एक्ट के सेक्शन 57 को हटा दिया है। अब प्राइवेट कंपनियां अपने कर्मचारियों से आधार कार्ड नहीं मांग सकेंगी।
  2. बैंक अकाउंट में आधार की जरूरत खत्म हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने आधार को लेकर कहा है कि बैंक अकाउंट से आधार लिंक नहीं होगा।
  3. नए फैसले के बाद मोबाइल से आधार को लिंक करना जरूरी नहीं। सीबीएसई, नीट और स्कूल में एडमिशन के लिए भी आधार की जरूरत नहीं।
  4. टेलिकॉम कंपनियां, ई-कॉमर्स फर्म, प्राइवेट बैंक और अन्य इस तरह के संस्थान आधार की मांग नहीं कर सकते हैं।
  5. 14 साल से कम के बच्चों के पास आधार नहीं होने पर उसे केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा दी जाने वाली जरूरी सेवाओं से वंचित नही किया जा सकता है।
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आधार की जरूरत इन कार्यों में होगी- 

  1. इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने में
  2. पैन कार्ड बनवाने में आधार जरूरी है
  3. सरकार की लाभकारी योजनाओं और सब्सिडी का लाभ पाने के लिए भी आधार कार्ड अनिवार्य होगा।