डेरा प्रमुख को दस साल की सजा, कोर्ट में हाथ जोड़ कर रो पड़े, हिंसा, आगजनी शुरू

नई दिल्ली। डेरा प्रमुख राम रहीम को सीबीआई कोर्ट ने दस साल की सजा का ऐलान किया है। सीबीआई कोर्ट ने जेल में कोर्ट लगाकर बाबा राम रहीम को दस साल की सजा सुनाई। सजा पर बहस पूरी होने के बाद राम रहीम जज के सामने रहम की भीख मांगने लगा। सुनवाई रोहतक जेल के अंदर हुई।

सीबीआई ने बाबा के लिए अधिकतम सजा की मांग की थी। कोर्ट ने सीबाआई वकील की दलील को मानते हुए बाबा को दस साल की सजा का ऐलान किया। बचाव पक्ष ने कहा कि राम रहीम समाज सेवी हैं। उन्होंने लोगों की भलाई के लिए काम किए हैं। इसका संज्ञान लेते हुए सजा में नरमी बरती जानी चाहिए।

फैसले के बाद हिंसा और आगजनी की घटनाएं शुरू हो गई है। सिरसा में समर्थकों ने दो वाहनों में आग लगा दी। सुनवाई के दौरान स्पेशल सीबीआई जज जगदीप सिंह ने दोनों पक्षों को 10-10 मिनट बहस के लिए समय दिया था। फिलहाल स्कूलों-कॉलेजों में छुट्टी रहेगी। इंटरनेट सेवाएं व इंटर स्टेट बस सेवा भी बंद रहेगी। बसों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इंटरनेट सेवा पर रोक मंगलवार सुबह 11.30 बजे तक जारी रहेगी।

– डेरा प्रमुख राम रहीम को सीबीआइ की विशेष अदालत ने 10 साल की सजा सुनाई।

-धारा 376, 511 व 506 के तहत राम रहीम को सजा।

– सोमवार दोपहर 2.30 बजे से सुनारिया जेल में जज ने फैसला पढ़ना शुरू किया।

-सीबीआइ के वकीलों ने डेरा प्रमुख राम रहीम को ज्यादा से ज्यादा सजा देने की मांग की।

-डेरा प्रमुख राम रहीम के वकीलों ने उनके सामाजिक कार्यों का हवाला देते हुए कम से कम सजा देने की मांग की।

– सुनारिया जेल में जिस वक्त जज साहब फैसले को पढ़ रहे थे, उस वक्त राम रहीम की आंखों में आंसू थे।

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