पूर्व पीएम जवाहरलाल नेहरू की मृत्यु कब और कैसे हुई थी? जानिए वजह

जवाहरलाल नेहरू की मृत्यु

भारत के पूर्व और प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की मृत्यु कब हुई थी? बता दें कि 27 मई को प्रत्येक वर्ष जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि देश में मनाया जाता है। लेकिन उनकी मौत को लेकर सोशल मीडिया पर कई प्रकार की भ्रांतियां फैलाई गई हैं। आइए जानते हैं कि जवाहरलाल नेहरु की मृत्यु कब हुई थी और मृत्यु की वजह क्या थी?

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु की मृत्यु 27 मई 1964 को हुई थी। यह वह दिन था जब भारत ने अपने प्रथम प्रधानमंत्री को खो दिया था। उनकी मौत अचानक हुई थी और इस वजह से देश की जनता पूरी तरह से उनकी मौत से स्तब्ध थी। उनकी लोकप्रियता इतनी अधिक थी कि विश्व की ज्यादातर अखबारों ने उनकी मौत की खबर को प्रकाशित किया था।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जवाहरलाल नेहरू की मृत्यु हार्टअटैक की वजह से हुई थी। हालांकि उस दौर की कई किताबों में इस बात का जिक्र किया गया है कि उनकी मौत की वजह चीन का विश्वासघात था। ऐसा दावा है कि चीन के भारत पर हमले के बाद से ही उनकी सेहत बिगड़ने लगी थी। 1962 में चीन से हार के बाद उनकी सेहत और ज्यादा गिरने लगी।

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ऐसा दावा किया जाता है कि इस युद्ध में भारत की हार के बाद वह इस बात को सहन नहीं कर पा रहे थे और अंदर ही अंदर इसके लिए खुद को जिम्मेदार मानते थे। 20 नवंबर 1962 को तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने देश की जनता को संबोधित किया। इस संबोधन में उन्होंने चीन से हुई हार को स्वीकार किया था।

बीबीसी में छपी एक खबर के अनुसार, पंडित जवाहरलाल नेहरु की अधिकारिक आत्मकथा लिखने वाले एस गोपाल ने लिखा है कि उस समय चीजें इतनी बुरी तरह से गलत हुई कि अगर ऐसा वाकई में नहीं होता तो उन पर यकीन करना मुश्किल होता। स्थितियां इतनी बुरी थी कि उस वक्त भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति एस राधाकृष्णन ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे।

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राष्ट्रपति ने चीन पर आसानी से विश्वास करने और वास्तविकताओं की अनदेखी करने को लेकर नेहरू सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया था। जिस सवाल से प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू गुजर रहे थे, वह उसे चीन का विश्वासघात मानते थे। इसी वजह से वह सदमे में आ गए और बीमार हो गए।

अपनी बीमारी को सही करने के लिए उन्होंने लगभग 1 साल का समय कश्मीर में बिताया लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। कहा जाता है कि वह अंदर से निराशा और दुख में डूब गए थे। 1964 में वापस दिल्ली आने पर 27 मई की सुबह बाथरूम से निकले तो कमरे में आकर पीठ दर्द की शिकायत की। इसके बाद डॉक्टरों को बुलाया गया। लेकिन इतने में पंडित नेहरू बेहोश हो गए और बेहोशी की हालत में ही उनकी मौत हो गई।

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27 मई 1964 को करीब 2:00 बजे उनकी मौत की आधिकारिक घोषणा की गई। इसमें कहा गया कि भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु की मौत हार्ट अटैक से हो गई है। वहीं मुलायम सिंह यादव जिन्होंने नेहरू सरकार का दौर भी देखा था, उनका कहना था कि पंडित नेहरू को कोई बीमारी नहीं थी। मुलायम सिंह के अनुसार, चीन से मिली हार के बाद उन्हें सदमा लगा था और इसी वजह से उनकी मौत हुई।


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