विधानसभा चुनाव: 5 राज्यो में बजा चुनावी बिगुल, आयोग ने की तारीखों की घोषणा

विधानसभा चुनाव

नई दिल्ली। कोरोना महामारी के बीच देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव (Assembly Election) होने वाले हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा (Sunil Arora) ने इन राज्यों में चुनाव तारीखों की घोषणा कर दी है। सभी पांचों राज्यों में पहले चरण का मतदान 27 मार्च को होगा। कोरोना को देखते हुए आयोग ने चुनावी राज्यों में मतदान केंद्रों की संख्या भी बढ़ाई है।

बता दें कि पुडुचेरी, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और असम, इन पांच राज्यों को मिलाकर कुल 824 विधानसभा सीटों पर चुनाव होगा। पांचों राज्यों को मिलाकर कुल 2.70 लाख मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

चुनाव आयोग के अनुसार, कोरोना संकट को देखते हुए मतदान केंद्रों को ज्यादा नजदीक रखा गया है कि ताकि ज्यादा मतदान हो। चुनाव आयोग ने इसके लिए सभी अधिकारियों से चर्चा भी की गई है।

मुख्य निर्वाचन आयोग (Chief Election Commission) ने चुनाव तारीखों की घोषणा करते हुए कहा कि इस बार पश्चिम बंगाल (West Bengal) में चुनाव पर्यवेक्षक के रूप में अजय नाइक को जिम्मेदारी दी गई है। सभी राज्यो में वोटिंग के वक्त वीडियोग्राफी होगी। सीसीटीवी कैमरों से वोटिंग, पोलिंग बूथों की निगरानी की जाएगी।

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मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि वोटिंग की प्रक्रिया को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए पर्याप्त मात्रा में सीएपीएफ की तैनाती की गई है। आयोग ने राजनीतिक दलों को रोड शो करने की इजाजत दे दी है। इसके साथ-साथ वोटिंग के टाइम में एक घंटे की बढ़ोतरी की गई है।

चुनाव आयोग ने लोगों से अपील करते हुए आशा व्यक्त किया है कि देश में क्योंकि कोरोना वैक्सीनेशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है इसलिए लोग चुनाव में ज्यादा से ज्यादा की संख्या में निकलकर वोट करेंगे।

पांचों राज्यों का चुनावी कार्यक्रम

पश्चिम बंगाल में 27 मार्च, 1 अप्रैल, 6 अप्रैल, 10 अप्रैल, 17 अप्रैल, 22 अप्रैल, 26 अप्रैल और 29 अप्रैल को वोटिंग होगी।

पूर्वोतर राज्य असम में तीन चरणों में मतदान होगा। यहां पर 27 मार्च, 1 अप्रैल और 6 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे।

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पुडुचेरी, तमिलनाडु और केरल में एक चरण में चुनाव संपन्न होंगे। इन राज्यों में 27 मार्च को मतदान होगा। मतदान के बाद वोटों की गिनती सभी राज्यों में 2 मई को होगा।

कहां कितनी सीटों पर होगा मुकाबला

पश्चिम बंगाल में विधानसभा की कुल 294 सीटें हैं। इस बार बीजेपी ने पूरी ताकत लगा दी है पश्चिम बंगाल में चुनाव को जीतने के लिए। बीजेपी नेताओं की तरफ से ताबड़तोर रैलियाँ की जा रही हैं। ममता बनर्जी की टीएमसी भी इस मामले में पीछे नहीं है।

प्रदेश में अभी तृणमूल कांग्रेस की सरकार है। 2016 के चुनाव में TMC को 211 सीटें मिली थीं। लेफ्ट और कांग्रेस का गठबंधन 76 सीटें जीतने में कामयाब रहा था। भाजपा को 3 सीटें मिली थी। वहीं 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को 42 में 18 सीटें मिली थी। इसलिए बीजेपी ने विधानसभा चुनाव में पूरा जोर लगा दिया है। इसबार का पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव टीएमसी और बीजेपी का हो गया है।

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असम में 126 सीटों पर चुनाव होगा। 2016 से यहां पर बीजेपी की सरकार है। बीजेपी 2016 में 86, कांग्रेस को 26 और AIUDF को 13 सीटें मिली थी। एक सीट अन्य के पास थी।

तमिलनाडु में 234 विधानसभा सीटों के मुकाबला होगा। यहां पर AIDMK की सरकार है। एआईटीएमके को 134 सीटें, डीएमके (DMK) और कांग्रेस गठबंधन को 98 सीटें मिली थीं।

केरल में 140 सीटों पर चुनाव होंगे। यह लेफ्ट पार्टी का आखिरी गढ़ है। पश्चिम बंगाल से लेफ्ट की पार्टी पहले सत्ता खो चुकी है। केरल में लेफ्ट और कांग्रेस गठबंधन की सरकार है। यहां पर लेफ्ट की 91 और कांग्रेस की 47 सीटें हैं। भाजपा और अन्य के खाते में 1-1 सीटें हैं।

पुडुचेरी में 30 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव होगा। यह एक केंद्र शासित प्रदेश है। यहां पर विधानसभा में 3 सदस्य नामित होते हैं। फिलहाल यहां पर राष्ट्रपति शासन है।