खुलासा: 2002 में भारत पर परमाणु हमला करना चाहते थे मुशर्रफ, लेकिन डर के मारे कर न सके

नई दिल्ली। पाकिस्तान के पूर्व तानाशाह परवेज मुशर्रफ ने खुलासा किया है कि वो 2002 में भारत पर परमाणु हमला करना चाहते थे। मुशर्रफ के मुताबिक वो इसका प्लान तो बना रहे थे लेकिन उन्हें डर था कि भारत भी जवाबी हमला करेगा। इसलिए उसने अपना इरादा बदल दिया। मुशर्रफ ने ये बातें एक जपानी अखबार के इंटरव्यू में कहा है। बता दें कि उस समय मुशर्रफ पाकिस्तान के राष्ट्रपति हुआ करते थे।

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पूर्व पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने जापान के अखबार ‘मेनिची शिंबुन’ को एक इंटरव्यू दिया। इसी इंटरव्यू में उन्होंने भारतीय संसद पर हमले और उसके बाद के तनाव का जिक्र किया है। मुशर्रफ के मुताबिक उस वक्त जब भारत के संसद पर हमला हुआ था तो वो कई रातों तक सो नहीं पाए थे। अखबार में मुशर्रफ ने कहा कि ‘खुद से ये सवाल पूछता रहता था कि मुझे एटमी हथियार तैनात करने चाहिए या नहीं।’

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इंटरव्यू में मुशर्रफ ने कहा कि 2001 में भारत और पाकिस्तान दोनों की मिसाइलों पर वाॅरहेड्स (एटम बम) नहीं लगाए गए थे। मुशर्रफ के मुताबिक- एटमी हमला करने के लिए एक से दो दिन लग सकते थे। जब उनसे ये पूछा गया कि क्या उन्होंने मिसाइलों पर वॉरहेड्स लगाने का ऑर्डर दिया था? पूर्व तानाशाह ने कहा- हमने ऐसा नहीं किया और मुझे लगता है कि भारत ने भी न्युक्लियर वॉरहेड्स मिसाइलों पर नहीं लगाए होंगे।

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बता दें कि मुशर्रफ ने 1999 में पाकिस्तान की नवाज शरीफ सरकार का तख्तापलट कर पाकिस्तान का राष्ट्रपति बना था। उस वक्त मुशर्रफ पाकिस्तान के आर्मी चीफ थे। मुशर्रफ 2001 से 2008 तक पाकिस्तान के राष्ट्रपति रहे।

 

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