केरल में बारिश का कहर, 73 की मौत, 14 जिलों में अलर्ट

तिरुअनंतपुरम। केरल में लगातार बारिश हो रही है। बारिश की वजह से केरल सदी के सबसे भीषण बाढ़ की चपेट में है। बाढ़ और लगातार बारिश की वजह से अबतक 73 लोगों की मौत हो चुकी है। केरल के 14 जिलों में बारिश की वजह से अलर्ट घोषित किया गया है। कोचीन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को शनिवार दोपहर तक के लिए बंद कर दिया गया है।

बारिश से राज्य की जनजीवन प्रभावित हुआ है। मुन्नार में अभी भी 82 प्रयर्टक फंसे हुए हैं। राज्य के सभी मार्ग बारिश के चलते बंद हैं। केंद्र सरकार बाढ़ की हालत के मद्देनजर राज्य सरकार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। वहीं दक्षिण रेलवे ने गुरुवार को अपनी सेवाएं निलंबित कर दी है।

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राज्य सरकार ने राज्य के सभी स्कूलों और कॉलेजों को शनिवार तक के लिए बंद रखने का आदेश दिया है। इसके साथ-साथ इस दौरान होने वाली सभी परीक्षाओं को रद्द कर दिया है। राष्ट्रीय आपदा बल ने 926 लोगों को पथमथिट्टा, कोझिकोड, एर्नाकुलम, त्रिशूर और आलप्पुषा से सुरक्षित निकाला। राज्य में इससे पहले 1924 में बाढ़ से ऐसी ही तबाही मची थी।

केंद्रीय पर्यटन मंत्री केजे अल्फोंस ने कहा कि हालात 1924 में आई बाढ़ से भी खराब हैं। मैंने प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और रक्षा मंत्री से मुलाकात की। सेना, नौसेना, आइएएफ, तटरक्षक और एनडीआरएफ बचाव और राहत कार्य में लगे हुए हैं।

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वहीं पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि मैंने केरल में मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से दोबारा बात की। हमने राज्य में बाढ़ की स्थिति पर चर्चा की। रक्षा मंत्रालय से राज्य में बचाव और राहत कार्यों को तेज करने के लिए कहा गया है। मैं केरल के लोगों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करता हूं।

अनुमान लगाया गया है कि राज्य में बारिश की वजह से 50,000 लोगों को राहत शिविरों में रखा गया है और 8,000 करोड़ रुपये की फसलें और संपत्तियां तबाह हो चुकी हैं। मसाले और कॉफी के लिए मशहूर इस राज्य की फसलें भी तबाह हो गई हैं।


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