राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर पीएम मोदी ने कहा – वैज्ञानिकों की मेहनत को सलाम

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस’ पर पोखरण परमाणु परीक्षण की असाधारण उपलब्धि के लिए देश के वैज्ञानिकों की प्रशंसा करते हुए कहा कि हम गर्व के साथ 1998 के पोखरण परीक्षण को याद करते हैं। पीएम मोदी ने मंगलवार को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर ट्वीट कर इस दिन को याद किया।

पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, “राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर, हम अपने वैज्ञानिकों की कड़ी मेहनत और दृढ़ता को सलाम करते हैं। हम गर्व के साथ 1998 के पोखरण परीक्षण को याद करते हैं, जिसने भारत के वैज्ञानिक और तकनीकी कौशल का प्रदर्शन किया।” उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस-2021 की थीम “सतत भविष्य के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी” है।

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मोदी ने कोविड-19 के बीच भारतीय वैज्ञानिकों की कड़ी मेहनत की भी सराहना की। उन्होंने कहा, ”किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति में, हमारे वैज्ञानिक और इनोवेटर हमेशा इस अवसर पर पहुंचे और चुनौती को कम करने के लिए काम किया। पिछले वर्ष के दौरान, उन्होंने कोविड-19 से लड़ने के लिए औद्योगिक रूप से काम किया है। मैं उनकी भावना और उल्लेखनीय उत्साह की सराहना करता हूं।

उल्लेखनीय है कि 1998 में आज ही के दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में भारत ने सफल परमाणु परीक्षण किया था। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस उसी परमाणु परीक्षण की वर्षगांठ के रूप में मनाया जाता है।

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देश का यह दूसरा परमाणु परीक्षण था। इससे पहले राजस्थान के जैसलमेर के करीब 140 किमी दूर लोहारकी गांव के पास मलका गांव में 18 मई 1974 को भारत ने गांव के एक सूखे कुएं में पहला परमाणु परीक्षण किया था। यह परमाणु परीक्षण इंदिरा गांधी के नेतृत्व में हुआ था।

बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के लिए परमाणु परीक्षण करना आसान नहीं था। परीक्षण के बाद सरकार की संसद में आलोचना की गई। हालांकि अटल बिहारी वाजपेयी ने संसद में जवाब देते हुए कहा था कि ये भारत बदला हुआ भारत है, दुनिया से आंख मिलाकर और हाथ मिलाकर चलना चाहता है। किसी प्रतिबंध से झुकेगा नहीं और शांति और सुरक्षा के लिए परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करेगा।