नई दिल्ली। कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में देश को कुछ अच्छे संकेत भी मिल रहें हैं। अबतक भारत में संक्रमण के मामले बढ़कर 24 हजार के पार जा चुका है। इनमें से 5 हजार से ज्यादा मरीज ठीक भी हो चुके हैं जबकि 775 लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच कुछ ऐसे संकेत भी मिल रहे हैं जो काफी राहत देने वाले हैं। खबरों के अनुसार यह कहा जा सकता है कि मई में कोरोना से कुछ छुटकारा पाया जा सकता है।
जानकारी के मुताबिक, मई महीने से देश में कोरोना वायरस के मामलों कमी की शुरुआत हो सकती है। कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए बने टास्क फोर्स के सदस्य डॉक्टर वीके पॉल ने उम्मीद जताई है कि 30 अप्रैल के बाद देश में कोरोना संक्रमण में गिरावट का दौर शुरू हो सकता है। उन्होंने अबतक के आंकड़ों के विश्लेषण के जरिए भविष्य के लिए ग्राफ पेश कर बताया कि 30 अप्रैल तक देश में कोरोना का संक्रमण अपने चरम पर होगा और उसके बाद इसमें गिरावट का दौर शुरू होगा।
बता दें कि देश में अब ऐसे जिलों की संख्या 80 हो गई है, जहां पिछले 14 दिनों से कोई केस सामने नहीं आया है। यह खबर निश्चित तौर पर बहुत राहत देने वाली है। अगर पिछले एक महीने की तुलना करें तो दक्षिण के राज्यों में कोरोना वायरस संक्रमण की रफ्तार काफी धीमी हुई है। तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल के उदाहरण सराहनीय हैं।
24 मार्च को तमिलनाडु में कोरोना संक्रमण के रोजाना बढ़ने की औसतन रफ्तार 47.2 प्रतिशत थी जो 23 अप्रैल को घटकर 4.1 प्रतिशत हो गई। इसी तरह कर्नाटक में 24 मार्च को संक्रमण दर 18.9 और केरल में 20.3 थी जो 23 अप्रैल को घटकर क्रमशः 3.4 और 1.8 प्रतिशत रह गई है।
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कोरोना वायरस टेस्ट की रफ्तार अब भारत में काफी तेज हो चुकी है। देश में 23 अप्रैल तक 5,41,789 टेस्ट हो चुके थे। टेस्टिंग को बढ़ाना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि विशेषज्ञ बता रहे हैं कि देश में 80 प्रतिशत तक ऐसे केस आ सकते हैं जिनमें कोई लक्षण नहीं है। 13 अप्रैल तक देश में प्रति 10 लाख आबादी पर 177 टेस्ट हो रहे थे जो 10 दिन बाद 23 अप्रैल तक दोगुने से ज्यादा बढ़कर 362 पहुंच गए।

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