काव्यधारा

प्यार की परिभाषा और छोटी सी आशा

प्यार की ऐसी परिभाषा है तू

आशा भी तूझसे है तो निराशा भी तू

 

लोग चाहे उलट-पलटकर गढ़ते हैं परिभाषाएं

पर मेरे अनकही किस्सों की अभिलाषा है तू

 

Related Post

तू के भीतर अगर संपूर्ण मैं समाया है

तो मेरे भीतर समाया है तू

 

फिर कौन कहता है कि तू-तू है

और मैं-मैं हूं, ये दोनों ही तो हम हैं

 

मुझसे अलग होते हुए भी तो

मेरे भाव ही नहीं लफ्जों में भी समाया है तू

 

कहीं कोसों दूर बसा है मुझसे तू

लेकिन फिर भी हर पल मेरे पास रहता है तू


देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए बने रहें हमारे साथ। लेटेस्ट न्यूज के लिए हन्ट आई न्यूज के होमपेज पर जाएं। आप हमें फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम पर फॉलो कर सकते हैं और यूट्यूब पर Subscribe भी कर सकते हैं।

Share
Published by
Pushpanjali Sharma

Recent Posts

वट सावित्री व्रत के दिन यह कथा पढ़कर मिलेगा आपको विशेष लाभ

वट सावित्री व्रत विवाहित महिलाओं द्वारा किया जाता है। वट सावित्री व्रत के जरिए सुहागिन…

शुक्रवार को करें इन देवियों की पूजा, धन संपत्ति और प्रेम का मिलेगा वरदान

शुक्रवार को पूजा करने का विशेष विधान है। शुक्रवार के दिन मां दुर्गा की पूजा…

Kangana Ranaut की नौवीं फ्लॉप फिल्म बनी धाकड़, 6 दिन में कमाए इतने करोड़

कंगना रनौत की किस्मत इन दिनों उनका साथ नहीं दे रही है। कंगना ने बड़ी…

कभी ईद कभी दीवाली पर लग सकता है ग्रहण, क्या शहनाज गिल कर रही है फिल्म छोड़ने की प्लानिंग?

सूत्रों के मुताबिक, सलमान खान ने शहनाज को समझाया और कहा कि वह फिल्म कभी…

This website uses cookies.

Read More