चीन डोकलाम से 100 मीटर पीछे हटने को तैयार, भारत 250 मीटर पीछे भेजने पर अड़ा

China ready withdraw 100 meters Docmal

नई दिल्ली। डोकलाम सेक्टर में भारत और चीन के बीच लगातार बढ़ रही तनातनी के बीच चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी विवादित जगह से 100 मीटर पीछे हटने को तैयार हो गई है। हालांकि भारत की मांग है कि चीन की सेना डोकलाम सेक्टर से 250 मीटर पीछे हटे। दूसरी ओर पिछले कुछ सप्ताह से चीनी मीडिया सार्वजनिक रूप से भारत को जंग की धमकी दे रहा है। चीनी अखबार चाइना डेली और ग्लोबल टाइम्स लगातार कह रहे हैं कि भारत डोकलाम से सैनिक वापस बुलाए, अन्यथा युद्ध के लिए तैयार रहे।

Read Also: बिहार पहुंचे शरद यादव, पटना पहुंचते ही दे दी जदयू को ऐसी नसीहत

चीनी अखबार ने धमकी दी है कि भारत के साथ सैन्य संघर्ष की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। चीनी सीमा एवं महासागर मामलों के डिप्टी डायरेक्टर जनरल वांग वेनली कश्मीर और उत्तराखंड में घुसने की धमकी दे चुके हैं। हालांकि फिलहाल चीनी सेना डोकलाम से 100 मीटर पीछे हटने को तैयार हो गई है। भारतीय सेना चाहता है कि चीनी सेना डोकलाम से 250 मीटर पीछे हटे।

यह भी पढ़ें -   कैंसर पीड़ित पाक महिला ने की सुषमा स्वराज से वीजा की अपील

Read Also: गुजरात में 12 शेरों के बीच महिला ने दिया बच्चे को जन्म

इससे पहले ग्लोबल टाइम्स में आधिकारिक रूप से खबर आई थी कि चीन ने डोकलाम से पीछे हटने से इंकार कर दिया है। लेकिन चीनी सेना का ताजा बयान यह दर्शाता है कि दोनों देशों की सेनाएं युद्ध के बजाय विवादित क्षेत्र से पीछे हटने जा रही है। हालांकि चीन की तरफ से आई इस तरह की बयानबाजी में विरोधाभास दिख रहा है। एक तरफ जहां रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन की सेना ने डोकलाम के नजदीक 80 टेंट लगा लिए हैं, वहीं दूसरी ओर खबर आ रही है कि चीनी सेना डोकलाम से 100 मीटर पीछे हटने को तैयार है।

यह भी पढ़ें -   ईरान से तेल व्यापार कम करेगा भारत... दूसरे विकल्पों की तालाश जारी

Read Also: चीन ने फिर दिया धमकी, भारत नहीं हटा पीछे तो होगा युद्ध

खबर है कि डोकलाम से सटे इलाकों में चीन ने पूरी बटालिन की तैनाती नहीं की है। यहां पर भारत के 350 सैनिकों के मुकाबले चीन ने 300 सैनिक तैनात किये हैं। इस क्षेत्र में भारतीय सैनिक के 30 टेंट मौजूद है।

 

मोबाइल पर भी अपनी पसंदीदा खबरें पाने के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करें और ट्विटरगूगल प्लस पर फॉलो करें

यह भी पढ़ें -   नीति आयोग से अरविंद पनगढ़िया ने दिया इस्तीफा, लौटेंगे शिक्षा क्षेत्र में वापस

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *