APMC full form in Hindi – APMC का फुल फॉर्म क्या होता है?

APMC full form in Hindi

APMC Full Form in Hindi, APMC Act in Hindi – APMC का फुल फॉर्म Agricultural Produce Market Committee होता है। हिंदी में एपीएमसी को कृषि उत्पाद बाजार समिति कहा जाता है। हाल के दिनों में किसानों द्वारा इसी APMC Act का विरोध किया जा रहा है।

बता दें कि केंद्रीय कैबिनेट ने APMC Act यानि कृषि उत्पाद विपणन समिति को लेकर कृषि उपज वाणिज्य एवं व्यापार (संवर्धन एवं सुविधा) अध्यादेश 2020 जून में लागू किया था। जिसके बाद से ही किसानों ने इस संशोधित कानून को विरोध करना शुरू कर दिया। आखिर क्या है इस APMC Act में यहीं आज हम जानेंगे।

APMC का Full Form – Agricultural Produce Market Committee है। हिंदी में इसका अर्थ कृषि उत्पाद बाजार समिति होता है। यह कानून कृषि से संबंधित उत्पाद को बाजार समिति में बेचने से संबंधित है।

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कृषि उत्पाद बाजार समिति एक ऐसा मंच है जहां किसी भी राज्य के किसान अपनी कृषि उपज को बेच सकते हैं। इसके अंतर्गत Produce Market Committee की स्थापना सभी राज्यों में किया गया है। लेकिन इसको लेकर कई सारे विवाद भी रहे हैं।

हाल में ही कर्नाटक सरकार मंत्रिमंडल ने विपक्षी दलों की आपत्तियों के बावजूद एक अध्यादेश को मंजूरी दे दी जो कृषि उपज विपणन समिति (APMC Act) कानून में संशोधन करेगा। इससे बाजार तक किसानों की पहुँच आसान हो सकेगी। इस संशोधन को किसान की हितों की रक्षा के लिए किया गया है।

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APMC Act कैसे किसानों को शोषण से बचाता है?

APMC Act किसानों के हित में काम करती है। एपीएमसी से कालाबाजारी पर रोक लगता है। यह मुनाफाखोरी पर लगाम लगाता है। एपीएमसी कानून बिचौलियों से किसान को बचाता है और उनको उनकी फसल का सही कीमत दिलाता है।

पंजाब में AMPC Act के विरोध कारण

एपीएमसी एक्ट को लेकर पंजाब सरकार इस बात को लेकर विरोध कर रहा है कि यह कानून संघी व्यवस्था का उल्लंघन करता है। लेकिन बता दें कि इस कानून के आने से बड़े-बड़े एजेंट जो लाखों, करोड़ों रूपए सलाना किसानों से औने-पौने दाम में अनाज खरीदकर कमाते थे, अब ऐसा नहीं कर पाएंगे।

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ऐसा माना जा रहा है कि पंजाब में नए कृषि कानूनों का विरोध इसी वजह से है। बड़े-बड़े एजेंट इस बात का विरोध राजनीतिक शक्तियों के पीछे खड़े होकर कर रहे हैं ताकि यह व्यवस्था ना लागू हो सके। एजेंटो को इस बात का डर है कि कानून लागू होने के बाद उन्हें नुकसान होगा। किसान अब अपनी फसल किसी भी बाजार में बेच सकेगा। इसके किसानों को लाभ होगा और बिचौलिए और एजेंट गायब हो जाएंगे।