प्रवासियों की घर वापसी हुई मुश्किल, केंद्र सरकार ने बदल डाली पुरानी गाइडलाइन

प्रवासियों की घर वापसी

नई दिल्ली। पिछले दिनों केंद्र सरकार ने प्रवासियों की घर वापसी को लेकर लॉकडाउन के नियमों में कुछ छूट दिया था। केंद्र सरकार के द्वारा छूट के बाद कई प्रवासी मजदूरों और छात्रों को लेकर श्रमिक स्पेशल ट्रेन बिहार और अन्य राज्यों के लिए रवाना हुई थी। लेकिन केंद्र सरकार के नए गाइडलाइन के बाद अब प्रवासियों की घर वापसी मुश्किल हो गई है।

हालांकि अब केंद्र सरकार ने अपनी पुरानी गाइडलाइन बदल दी है। केंद्र सरकार ने नई गाइडलाइन जारी किया है। नई गाइडलाइन के अनुसार, अब सिर्फ वही लोग लौट पाएंगे जो लॉकडाउन से ठीक पहले बाहर गए थे और अचानक फंस गए। केंद्र सरकार के इस गाइडलाइन के बाद अब बिहार के 28 लाख प्रवासियों सहित उत्तर भारत के अन्य राज्यों के प्रवासियों की वापसी की राह मुश्किल हो गई है।

केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने सभी राज्यों के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि लॉकडाउन में उन्हीं लोगों को मूवमेंट करने की अनुमति होगी जो लॉकडाउन से ठीक पहले अपने पैतृक या गृह नगर से अपने-अपने कार्य स्थान पर गए थे और फंस गए।

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इस संबंध में बिहार के मुख्य सचिव दीपक कुमार के अनुसार, बिहार सरकार पहले से ही उन्हीं लोगों को वापस ला रही है जिनके पास रहने का ठिकाना नहीं है। केंद्र सरकार के नई गाइडलाइन के मुताबिक, वैसे लोग अब अपने घर वापस नहीं लौट पाएंगे जो सामान्य तौर पर रोजगार या कामकाज के लिए नेटिव प्लेस से बाहर गए थे और अब वे लोग वापस घर लौटना चाहते हैं।

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उधर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस संबंध में बैठक की। सीएम नीतीश कुमार ने लॉकडाउन में फंसे हुए लोगों को राज्य में वापस लाने के लिए दूसरे राज्यों के साथ बेहतर तालमेल बनाने का आदेश दिया है। नीतीश कुमार ने कहा कि बाहर से आ रहे लोगों को जिला मुख्यालय और प्रखंड के क्वारेंटाइन सेंटर पर ले जाने के लिए उपयोग में लाए जा रहे वाहनों में भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जाए।

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रशासन का आदेश दिया है कि क्वारेंटाइन सेंटरों पर भोजन, की गुणवतापूर्ण व्यवस्था रखी जाए। इसके अलावा रहने और चिकित्सकीय देखभाल की सुविधा भी सुनिश्चित कराई जाए। सीएम नीतीश कुमार ने आदेश दिया है कि जिन लोगों में कोरोना के लक्षण दिखाई दे उन्हें तुरंत ही टेस्टिंग के लिए गाइडलाइन के तहत भेजा जाए।

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