ATM Full Form in Hindi – एटीएम का फुल फॉर्म क्या होता है, जानें

ATM Full Form in Hindi

ATM Full Form in Hindi – हमलोग अपनी जरूरतों के हिसाब से पैसे निकालने के लिए एटीएम (ATM) का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एटीएम का फुल फॉर्म (ATM Full Form in Hindi) क्या होता है? एटीएम शब्द का पूरा नाम क्या है? एटीएम के मशीन होता है जो हमें अपनी जरूरत के हिसाब से निकाले गए पैसों को देता है। यह एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन होता है।

ATM Full Form in Hindi – एटीएम का फुल फॉर्म हिन्दी में

एटीएम का फुल फॉर्म Automated Teller Machine होता है। एटीएम ऐसी मशीन है जिसकी सुविधा सबसे पहले 1967 लंदन में की गई थी। इसका अविष्कार John Shepherd-Barron ने किया था। एटीएम की मदद से आप बिना बैंक जाये कहीं से भी पैसा निकाल सकते हैं। एटीएम का इस्तेमाल बैंक के ग्राहकों द्वारा पैसों के लेन-देन के लिए किया जाता है।

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Types of ATM in Hindi – एटीएम कितने प्रकार का होता है?

एटीएम दो प्रकार के होते हैं। पहला एटीएम सिर्फ पैसे निकालने के लिए और बैलेंस की जानकारी के लिए लेने के लिए होता है। दूसरा एटीएम में पैसा जमा किया जाता है। दूसरे प्रकार के एटीएम द्वारा क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान किया जा सकता है और अपने खातों की जानकारी भी प्राप्त की जा सकती है।

एटीएम से पैसे निकालने के लिए मुख्य रूप से दो तरह के कार्ड का इस्तेमाल किया जाता है। डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड दोनों से ही पैसों की निकासी एटीएम से किया जा सकता है। लेकिन भारत में ज्यादातर डेबिट कार्ड का इस्तेमाल एटीएम से पैसे निकालने के लिए किया जाता है।

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एटीएम की सुविधा बैंक के मुकाबले 24×7 घंटे उपलब्ध होती है। इसके माध्यम से शहर हो या गांव हो किसी भी जगह पैसों की निकासी किया जा सकता है। एटीएम से पैसे निकालने के लिए पिन की जरूरत होती है। बिना पिन डाले कोई भी व्यक्ति एटीएम से पैसे नहीं निकाल सकता है।

एटीएम से पैसे निकालने के लिए बैंक द्वारा अपने ग्राहकों को कार्ड जारी किया जाता है, जिसे एटीएम कार्ड या डेबिट कार्ड कहा जाता है। एटीएम कार्ड में पिन नंबर पहले से मौजूद होता है, लेकिन ग्राहक बाद में अपनी जरूरत और सुविधा के हिसाब से एटीएम का पिन नंबर बदल भी सकते हैं। डेबिट और क्रेडिट कार्ड से ऑनलाइन शॉपिंग और रिचार्ज, पेमेंट इत्यादि का इस्तेमाल कर सकते हैं।

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एटीएम की मशीन सबसे पहले 1939 में ही तैयार हो गई थी। इसका नाम Bankmatic रखा गया था। इसे तैयार किया था Luther George Simjian नाम के एक अमेरिकी नागरिक ने। लेकिन इनका यह अविष्कार सफल नहीं हो सका। जिसके बाद एटीएम में कुछ बदलाव कर फिर लाया गया जिसे लोगों ने पसंद किया और आज हम एटीएम को मौजूदा रूप में देख रहे हैं।