रक्षाबंधन पर चंद्रमा का ग्रहण, रखें इन बातों का खयाल

नई दिल्ली। 7 अगस्त को रक्षाबंधन का त्योहार है। कल भारत में चंद्रग्रहण भी है। रक्षाबंधन का त्योहार को श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। लेकिन इस बार रक्षाबंधन के इस त्योहार पर भद्रकाल के साथ-साथ चंद्रग्रहण का भी साया है। इस पर्व के दिन चंद्रग्रहण 12 साल बाद लग रहा है। ऐसे में रक्षाबंधन का त्योहार किस समय मानाया जाय। तो आइए जानते हैं, रक्षाबंधन के लिए 7 अगस्त को कौन सा समय शुभ है।

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कल राखी के दिन आप सुबह 11:06 बजे से दोपहर 01:42 बजे तक रक्षाबंधन मना सकते हैं और भाई की कलाई पर राखी बांध सकते हैं। सुबह 11:06 बजे से दोपहर 01:42 बजे तक ही राखी बांध दें। दोपहर 1:42 बजे के बाद सूतक लग जाएगा क्योंकि कल आंशिक चंद्रग्रहण है। हालांकि आप गुरु, देवता और कुलदेवता को शाम के 7 बजे तक राखी बांध सकते हैं।

रक्षाबंधन के लिए शुभ मुहूर्त-

भद्रकाल 7 अगस्त को सुबह 11.04 बजे तक रहेगा
चंद्रग्रहण का सूतक दोपहर 1.42 बजे दोपहर को शुरू होगा

7 अगस्त को सुबह 11.05 बजे से लेकर 1.42 बजे दोपहर तक राखी बांध सकते हैं
चंद्रग्रहण 07 अगस्त की रात 10.52 बजे लगेगा

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रक्षाबंधन पर लगने वाला यह चंद्रग्रहण 5 घंटे का रहेगा, लेकिन कई जगहों पर यह 1 घंटा 55 मिनट तक रहेगा। 7 अगस्त को पड़ने वाला चंद्रग्रहण एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, साउथ-ईस्ट अमेरिका, अफ्रीका, प्रशांत, अटलांटिक, हिंद महासागर, यूरोप और अंटार्कटिका के ज्यादातर हिस्सों में देखा जाएगा।

चंद्रग्रहण के समय सुंदर कांड का पाठ करें और पाठ को रात 12:48 के पहले खत्म कर लें। सुंदर कांड का पाठ करने से घर-गृहस्थी के दोषों से मुक्ति मिलती है। ऊं हं हनुमते नम: रूद्रात्मकाय हुं फट् की 11 माला की जप करें। साथ ही सात प्रकार के अनाज का दान करें। इससे ग्रहण के दोषों से मुक्ति मिलेगी।

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