साल 2012 के 16 दिसंबर के रात की वो घटना जिसने हर बेटी को…

फांसी की सजा

साल 2012 के 16 दिसंबर के रात की वो घटना जिसने हर बेटी को डरा कर रख दिया था। जिसके बाद भी देश में लगातार न जाने कितने बेटियों के साथ दरिंदगी हुई, क्योंकि कहीं न कहीं दरिंदों का डर भाग चुका था। उन दरिंदों को न तो इस देश के कानून से डर लगता था, न हीं अपने जीवन को खोने से…

लेकिन अब बार-बार निरंतर प्रयास के बाद निर्भया के दरिंदों को उसके किए की सजा देने  के लिए तिहार जेल में फांसी की सजा की तैयारियां शुरू हो चुकी है। ऐसे में खबरों के मुताबिक अभी तक निर्भया के चौथे दोषी अक्षय ठाकुर के परिवार से कोई मिलने नहीं आया। जबकि कोर्ट के नियमानुसार आज दोपहर 12:00 बजे तक दोषियों के परिवार वाले उनसे मिल सकते हैं।

लेकिन जैसा कि हमारे देश का कानून कहता है कि मरने वाले हर कैदी को उसकी अंतिम इच्छानुसार, अगर वो अपने परिवार वालों से आखिरी बार मिलना चाहता है तो जेल सूत्रों के मुताबिक, यदि आज शाम तक भी परिवार आता है तो मुलाकात करने दी जाएगी।

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बता दें कि चारों दोषियों को कल सुबह फांसी की सजा होनी है। अब दोषियों को फांसी होने में अब कुछ ही घंटे बाकी हैं। दोषियों की फांसी की सजा के लिए तिहार जेल में जेल प्रशासन की ओर से तैयारियां शुरू हो गई है। चार में से तीन दोषियों के परिवार वाले उनसे मिल चुके हैं, वहीं चौथे दोषी अक्षय ठाकुर के परिवार से अभी तक कोई मिलने नहीं आया है।

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✍ ‘पुष्पांजलि’

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