गया जी का जनार्दन मंदिर: जहां जीवित इंसान करता है खुद का पिंडदान

गया जी का जनार्दन मंदिर

बिहार की धार्मिक नगरी गया जी पितृपक्ष के समय लाखों श्रद्धालुओं का आस्था स्थल बन जाती है। यहां लोग अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और उद्धार के लिए पिंडदान करने आते हैं। गया जी में करीब 54 पिंडवेदियां मौजूद हैं, लेकिन इनमें सबसे खास और अनोखी वेदी है जनार्दन मंदिर की। यही एक ऐसा स्थान है जहां कोई व्यक्ति जीवित रहते हुए भी अपना आत्मश्राद्ध यानी खुद का पिंडदान कर सकता है।

कहां स्थित है जनार्दन मंदिर?

यह मंदिर भस्मकूट पर्वत पर मां मंगलागौरी मंदिर के उत्तर में स्थित है। मान्यता है कि भगवान विष्णु ने स्वयं इस वेदी की स्थापना की थी। कहा जाता है कि जो लोग वैराग्य धारण कर चुके हों, संतानहीन हों या फिर अपने जीवन के पाप कर्मों का प्रायश्चित करना चाहते हों, वे यहां आत्मश्राद्ध करते हैं।

यह भी ट्रेंड में है 😊👇

सपने में आभूषण देखना

सपने में आभूषण देखना देता है व्यापार में उन्नति का संकेत, जानिए सपने में आभूषण देखने के शुभ फल

सपने में आभूषण देखना शुभ होता का संकेत होता है लेकिन कई बार यह सपना…

Nov 23, 2025
Aaj Ka Rashifal

Aaj Ka Rashifal 13 September 2025: आज इन 6 राशियों के लिए है कठिन दिन, जानें सभी 12 राशियों का हाल

Aaj Ka Rashifal 13 September: 13 सितंबर 2025, शनिवार का दिन ग्रहों की दृष्टि से…

Sep 13, 2025
मूलांक 8

Numerology: मूलांक 8 वालों पर रहती है शनिदेव की खास कृपा, संघर्ष के बाद मिलती है बड़ी सफलता

अंक ज्योतिष (Numerology) में हर अंक का अपना अलग महत्व होता है। यह व्यक्ति के…

Sep 11, 2025

आत्मश्राद्ध की तीन दिवसीय प्रक्रिया

आत्मश्राद्ध कोई साधारण विधि नहीं है। इसकी पूरी प्रक्रिया तीन दिनों तक चलती है।

  • पहला दिन: संकल्प और प्रायश्चित
  • दूसरा दिन: तप, जप और पूजन
  • तीसरा दिन: पिंड अर्पण

विशेष रूप से दही और चावल से बने तीन पिंड तैयार किए जाते हैं और भगवान जनार्दन को अर्पित किए जाते हैं। खास बात यह है कि इन पिंडों में तिल का प्रयोग नहीं किया जाता। इस दौरान वायु पुराण और गरुड़ पुराण में वर्णित श्लोकों का जाप भी किया जाता है।

ताजा खबरें 😄👇

Gender Crisis

Gender Crisis: यूरोप का देश जहां महिलाएं खरीद रही हैं किराए पर पति, वजह जानकर होंगे हैरान

लातविया में पुरुषों की कमी इतनी गंभीर हो चुकी है कि महिलाएं पति किराए पर…

Dec 7, 2025
Grok Chatbot

Grok Chatbot बना खतरा, आम लोगों के एड्रेस और कॉन्टैक्ट डिटेल लीक करने का दावा

एलन मस्क के चैटबॉट ग्रोक पर निजी जानकारी साझा करने के आरोपों ने दुनिया भर…

Dec 6, 2025
हैमर और कटाना हथियार

भारत-फ्रांस में हुआ बड़ा रक्षा सौदा, सेना को मिलेगा हैमर और कटाना हथियार

भारत और फ्रांस ने मिलकर दो बड़े रक्षा समझौते किए हैं, जिनसे भारतीय सेना की…

Nov 25, 2025

पौराणिक और धार्मिक महत्व

स्थानीय पुजारियों के अनुसार, जनार्दन मंदिर का महत्व गरुड़ पुराण और वायु पुराण में स्पष्ट रूप से बताया गया है। राजा मान सिंह ने इस मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया था, जिसके बाद से यहां हर साल पितृपक्ष के दौरान बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं। साधु-संत और वैरागी यहां विशेष रूप से आत्मश्राद्ध की अनोखी परंपरा निभाते हैं।

क्यों अद्वितीय है यह स्थल?

भारत में कहीं और ऐसा स्थान नहीं है जहां जीवित व्यक्ति खुद के लिए पिंडदान कर सके। यही कारण है कि गया जी का यह मंदिर पूरे देश में धार्मिक दृष्टि से अद्वितीय और दुर्लभ माना जाता है। इस मंदिर में हर साल हजारों-लाखों की संख्या में लोग खुद पिंडदान करने आते हैं।


Follow us on Google News

देश और दुनियाँ की ताजा खबरों के लिए बने रहें हमारे साथ। लेटेस्ट न्यूज के लिए Huntnews.Com के होमपेज पर जाएं। आप हमें फेसबुक, पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब कर सकते हैं।

Picture of Ratna Priya

Ratna Priya

रत्ना प्रिया पिछले 6 वर्षों से डिजिटल मीडिया की दुनिया में सक्रिय हैं। वह मुख्य रुप से राजनीति, समाज, जेंडर, जीवनशैली, धर्म और संस्कृति जैसे विषयों पर लेखन करती हैं।

गया जी का जनार्दन मंदिर: जहां जीवित इंसान करता है खुद का पिंडदान

गया जी का जनार्दन मंदिर
Picture of Ratna Priya

Ratna Priya

रत्ना प्रिया पिछले 6 वर्षों से डिजिटल मीडिया की दुनिया में सक्रिय हैं। वह मुख्य रुप से राजनीति, समाज, जेंडर, जीवनशैली, धर्म और संस्कृति जैसे विषयों पर लेखन करती हैं।

Related Posts