Highlights:
- 22 जुलाई और 5 अगस्त को दिन होंगे 1.5 मिलीसेकंड छोटे
- सैटेलाइट और जीपीएस सिस्टम पर होगा असर
- आम इंसान को नहीं होगा कोई फर्क
Highlights:
- 22 जुलाई और 5 अगस्त को दिन होंगे 1.5 मिलीसेकंड छोटे
- सैटेलाइट और जीपीएस सिस्टम पर होगा असर
- आम इंसान को नहीं होगा कोई फर्क
Earth Rotation: पृथ्वी अब पहले से तेज घूम रही है। इसका असर हमारे दिन पर पड़ रहा है। वैज्ञानिकों ने माना है कि आने वाले समय में दिन 24 घंटे से छोटे हो सकते हैं। इस महीने दो दिन ऐसे होंगे जब दिन की लंबाई थोड़ी घटेगी। ये दिन हैं 22 जुलाई और 5 अगस्त।
1.5 मिलीसेकंड तक होगा छोटा दिन
इन दोनों दिनों में दिन लगभग 1.3 से 1.5 मिलीसेकंड तक छोटा होगा। यह बदलाव आम इंसान महसूस नहीं कर सकेगा। इसे केवल वैज्ञानिक उपकरणों से ही मापा जा सकेगा। लेकिन इसका असर कई प्रकार से पृथ्वी पर देखा जा सकता है।
अब तक माना जाता था कि पृथ्वी 24 घंटे में घूमती है। लेकिन यह समय स्थिर नहीं होता। चंद्रमा और सूर्य की स्थिति इसमें बदलाव ला सकती है। यहां तक कि भूकंप और दूसरी घटनाएं भी इसका असर डालती हैं।
करोड़ों साल पहले 19 घंटे का दिन था
यह पहली बार नहीं है जब दिन की अवधि बदली हो। करोड़ों साल पहले पृथ्वी पर दिन सिर्फ 19 घंटे का था। तब चंद्रमा धरती के बहुत पास था। इसका असर Earth Rotation पर पड़ा। धीरे-धीरे दिन लंबा होता गया।
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लेकिन हाल के वर्षों में बदलाव दिखा है। साल 2020 में वैज्ञानिकों ने नोट किया कि पृथ्वी अब पहले से तेजी से घूम रही है। जुलाई 2024 में 24 घंटे से भी छोटा दिन दर्ज हुआ। वह दिन 1.66 मिलीसेकंड छोटा था।
क्या हमारी जिंदगी पर पड़ेगा असर?
क्या इस बदलाव से आम जिंदगी पर असर पड़ेगा? इसका जवाब है नहीं। 1 या 2 मिलीसेकंड कम होना हमारे लिए कोई मायने नहीं रखता। हमारी घड़ियां भी इसे नहीं पकड़ सकतीं। लेकिन सैटेलाइट और जीपीएस सिस्टम पर इसका असर जरूर पड़ सकता है।
समय से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां जैसे IERS ऐसे बदलावों पर नजर रखती हैं। वे परमाणु घड़ियों को सही करने के लिए लीप सेकंड जोड़ती या घटाती हैं। ताकि समय और पृथ्वी की स्पीड में तालमेल बना रहे।

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