कोरोना के बीच फिर याद आए वो बीते हुए पल…

कोरोना के बीच

अगर कोरोना जैसा संकट न आया होता तो क्या आपको वो दिन याद है कि कब आपने अपने जिंदगी के वो पल बिना चिंता किए हुए है बिताए होंगे। वो पल जब बिना किसी चिंता के अक्सर कॉलेज के वक्त में सीढ़ियों पर बैठकर घंटों उन दोस्तों से बातचीत हो जाया करती थी जो आज सब अपनी जिंदगी के पन्नों को संवारने में लगे हुए हैं।

वो वक्त खो गया है, अब खोजे नहीं मिल सकता। लेकिन रोज की व्यस्तता वाले जिदंगी से जब अब कुछ रोज के लिए एक भयानक संकट के रूप में आया…जब बिना किसी काम के प्रेशर से घर पर आराम से, अपने परिवार के साथ समय व्यतीत कर रहे। न कोई बहाना है काम का, न कहीं जाने का है, तो उस जिंदगी को याद कर आप खुद-ब-खुद में खिलखिलाने लगे हैं।

वो पुराने देस्तों के साथ बिताया हुआ पल अब कभी वापस नहीं आएगा लेकिन फुरसत के इन पलों में हम उस खूबसूरत पलों को याद करना नहीं भूले। स्कूल के बाद कॉलेज की वो दोस्ती के साथ उम्र फ्यूचर के बारे में सोचने की हो गई और इसलिए उम्र के साथ ही हमारा वो बचपन अब सिर्फ एक खूबसूरत याद बनकर रह गई।

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कई ऐसे काम जिनकों करके हमें खुशी मिलती है वो भी समय की कमी के चलते पीछे छूटते चले गए। लेकिन हां, जब आज वक्त मिला तो वो सुनहरी यादें दोबारा से खुश कर गईं। आजकल जिस हालात से हमलोग गुजर रहे हैं और जिस तरह हमलोग केंद्र सरकार की अपील के बाद अपने घरों में कैद हैं, इन्हीं के बीच आपके पास कुछ रोज है जो निरंतर अपनी तेज गति से चलती हुई इस दुनिया में आपको शांति और सुकून से जिंदगी जीने को मिली है।

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आप के पास कुछ ऐसे रोज हैं जिसमें वो जिंदगी फिर से जिए जा सकते हैं। आप अपने घरों में रहकर ही वो सब कर सकते हैं जिसके लिए कभी वक्त की कमी थी।

✍ ‘पुष्पांजलि’