ये है अमेरिका का एरिया 51, दफन हैं कई अनसुलझे राज !

                 2014 में उस समय पूरी दुनिया में खलबली मच गई थी जब अमेरिका के सीनियर साइंटिस्ट बॉयड बुशमैन ने इस जगह के बारे में रहस्यमयी खुलासा किया था। उन्होंने बताया था कि वो एलियन से बात कर चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया था कि एलियन कैसे मात्र 1 घंटे में धरती से अपने ग्रह पर जाते हैं।

नई दिल्ली। अमेरिका का एरिया 51 सालों से वीरान पड़ा है। किसी को नहीं पता कि यहां पर क्या है? कई बार इस जगह पर एलियन के शव देखे गए हैं। ये दुनिया के सबसे रहस्यमयी जगहों में से एक मानी जाती है। ऐसा कहा जाता है कि यहां पर अमेरिकी सरकार के कई राज दफन हैं। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में एलियन देखे जाने के दावे किये जाते रहे हैं। लेकिन एरिया 51 इस बात की पुष्टि करता है कि एलियन सचमुच होता है।

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2014 में उस समय पूरी दुनिया में खलबली मच गई थी जब अमेरिका के सीनियर साइंटिस्ट बॉयड बुशमैन ने इस जगह के बारे में रहस्यमयी खुलासा किया था। उन्होंने बताया था कि वो एलियन से बात कर चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया था कि एलियन कैसे मात्र 1 घंटे में धरती से अपने ग्रह पर जाते हैं।

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ये जगह इतना डरावना है कि कोई भी इस जगह पर जाना नहीं चाहता है। कई एलियंस की डेड बॉडी की फोटो इस जगह से प्राप्त किया गया है। एरिया 51 इतना भयानक है कि अगर आप एलियन के हमले और रासायनिक हथियारों से बच भी गए तो भी आपको कैंसर और त्वचा रोग की बिमारियां हो जाएगी। यहां पर कई जहरीले मटेरियल्स अनसेफ तरीके से डंप किए गए हैं।

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एडवर्ड लोविक नाम का एक शख्स, जो इस जगह पर 30 से ज्यादा सालों तक रह चुके हैं, उन्होंने लोगों के मन में बैठे डर को कम करने के लिए इस जगह का नाम पैराडाइज रैंच रखा था। लेकिन अब भी लोग इस खुफिया जगह पर जाने से डरते हैं। सीआईए ने सबसे पहले इस बात की घोषणा की थी कि अमेरिका में एरिया 51 नाम की जगह है। इससे पहले लोग सिर्फ ये अंदेशा लगाते थे कि ऐसी कोई जगह है।

 

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हालांकि सीआईए ने इस बात का कोई उल्लेख नहीं किया कि ये सीक्रेट प्लेस आखिर क्यों बनाया गया है? कहा ये भी जाता है कि नील आर्मस्ट्रांग कभी चांद पर गए ही नहीं थे। बल्कि यहीं कृत्रिम सेटअप लगाकर चांद पर उतरते दिखाया गया। हालांकि इस बात का कोई प्रमाण नहीं है। कहते हैं कि इस जगह पर अमेरिकी ड्रोन्स की टेस्टिंग की जाती है। U-2 स्पाई प्लेन्स का टेस्ट इसी जगह पर किया गया था।

2012 में जब बीबीसी ने इस जगह पर एक डॉक्यूमेंट्री बनाने का फैसला किया तो बीबीसी के कैमरा क्रू मेंबर्स काफी देर तक इस जगह पर वीराने में ड्राइव करते रहे पर यहां उन्हें कुछ भी नहीं हासिल हुआ।

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