ज्योतिरादित्य सिंधिया और 22 विधायकों के इस्तीफे से अल्पमत में कमलनाथ सरकार

ज्योतिरादित्य सिंधिया

भोपाल। ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस में इस्तीफा के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया है। इसी राजनैतिक भूचाल में चल रही भारी उटापटक के बीच सीएम कमलनाथ ने राज्यपाल लालजी टंडन  से मिलकर उनको चिट्ठी भी सौंपी। साथ ही सीएम कमलनाथ ने कहा कि बहुमत परीक्षण के लिए तैयार हैं।

जानकारी के अनुसार ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ ही मध्य प्रदेश कांग्रेस के 22 विधायकों ने अप्रत्यक्ष रूप से अपना इस्तीफा राज्यपाल लालजी टंडन और विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति को भेज चुके हैं जिनमें 6 मंत्री भी शामिल हैं। इनके इस्तीफे मंजूर होने की स्थिति में कांग्रेस सरकार अल्पमत में आ जाएगी।

हालांकि विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने कहा है कि जब सभी विधायक मेरे सामने प्रस्तुत होंगे और इस्तीफे की वजह बताएंगे उसी के बाद में उनकी सदस्यता पर विचार करूंगा । क्योंकि उम्मीद लगाया जा रहा है कि इस्तीफा देने वाले ज्यादातर विधायक सिंधिया के समर्थक हैं।

यह भी पढ़ें -   प्रवासी मजदूर: महाराष्ट्र में सो रहे मजदूर की मालगाड़ी से कटकर मौत

ऐसे में  मौजूदा हालातों को देखकर इन मंत्रियों और विधायकों का अपना इस्तीफा वापस लेना मुश्किल लग रहा है। ऐसे में देखा जाए तो  मध्यप्रदेश की राजनीति में अब कमलनाथ सरकार के लिए भारी पड़ सकती है। वहीं बीजेपी इसी बहाने राज्यसभा में अपनी स्थिति को और मजबूत कर सकती है।

बता दें कि पिछले दिनों पूर्व कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस का दामन छोड़कर बीजेपी ज्वाइन कर लिया था। सिधिंया के बीजेपी करने से कांग्रेस को गहरा झटका लगा है। एक तरफ जहां कांग्रेस राज्यसभा में और कमजोर हो सकती है वहीं मध्यप्रदेश के ग्वालियर में कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा है। यहां पर पहले कमजोर रही भाजपा मजबूत स्थिति में आ गई है और कांग्रेस कमजोर हो गई है।

यह भी पढ़ें -   ज्योतिरादित्य सिंधिया कोरोना पॉजिटिव, दिल्ली स्थित मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती

बताजा जा रहा है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस से किसी बात से खफा थे। इसलिए उन्होंने बीजेपी में जाने का अप्रत्याशित फैसला लिया। बता दें कि मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक सिंधिया को सीएम बनाने की मांग कर रहे थे। हालांकि कांग्रेस ने उनकी मांगों को दरकिनार करते हुए कमलनाथ को सीएम बनाया था।