पटना। बिहार में कोराना वायरस बढ़ते मामलों के बीच बिहार सरकार ने सभी जिलों के डीएम का कोरोना के लिए इलाज के लिए फीस निर्धारित करने का अधिकार दिया है। बिहार सरकार ने यह अधिकार ‘द बिहार एपेडिमिक डिजीज कोविड 19 रेगुलेशन, 2020’ के तहत दिया है।
इस एक्ट के तहत सभी जिलों के डीएम को निजी अस्पताल या निजी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए फीस निर्धारित करने का अधिकार दिया है। बिहार के डीएम अब इसी कानून के तहत निजी और सरकारी अस्पतालों में निर्धारित संख्या में बेड आरक्षित कर सकते हैं।
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इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव उदय सिंह कुमावत ने बुधवार को आदेश जारी कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव के आदेशानुसार निजी अस्पताल या निजी मेडिकल कॉलेज द्वारा कोविड-19 के मरीजों के लिए चिन्हित किये गए बेड का संचालन एवं प्रबंधन अपने स्तर से करना होगा।
बिहार सरकार द्वारा डीएम को दिए गए इस निर्देश के तहत बिहार में कोराना वायरस की बढ़ती संख्या के बीच अब सभी जिलों में कोरोना के मरीजों को निजी अस्पतालों व निजी मेडिकल कॉलेजों में इलाज के लिए भर्ती की सुविधा मिलने लगेगी।
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बता दें कि बिहार में कोरोना मरीजों की संख्या 30 हजार 369 तक पहुंच चुकी है। बिहार में एक्टिव कोरोना मरीजों की संख्या 10 हजार 506 है। राज्य में कोरोना वायरस के संक्रमण से अबतक 217 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 19 हजार 646 मरीज ठीक हो चुके हैं। बिहार में 23 जुलाई को 303 नए कोरोना मरीजों की पुष्टि की गई।
बिहार स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार में सबसे ज्यादा केस राजधानी पटना में है। पटना में कुल कोरोना संक्रमितों की संख्या 3 हजार 696 है। जिले में 28 लोगों की कोरोना से मौत हुई है। पटना में एक्टिव कोरोना केस 1717 है जबकि ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 1951 है।
दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा केस भागलपुर में हैं। भागलपुर में कोरोना के कुल 1601 केस है। जिले में कोरोना से अबतक 16 मरीजों की मौत हुई है। ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 965 है और एक्टिव मरीज 620 है।

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