Vastu: Janmashtami पर किस दिशा में रखें कृष्ण का झूला, जानें सजावट के सही नियम

Krishna Janmashtami

Highlights:

  • कृष्ण का झूला उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) या पूर्व दिशा में रखना शुभ माना जाता है।
  • झूले में रखी कान्हा की मूर्ति का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए।
  • पीला, सफेद, हल्का नीला और सुनहरा रंग झूले के लिए सबसे शुभ माने जाते हैं।

Highlights:

  • कृष्ण का झूला उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) या पूर्व दिशा में रखना शुभ माना जाता है।
  • झूले में रखी कान्हा की मूर्ति का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए।
  • पीला, सफेद, हल्का नीला और सुनहरा रंग झूले के लिए सबसे शुभ माने जाते हैं।

हर साल Krishna Janmashtami का पर्व पूरे उत्साह और भक्ति के साथ मनाया जाता है। यह विशेष दिन भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाने की परंपरा है। इस अवसर पर भक्तजन बाल गोपाल की पूजा करते हैं और उनका सुंदर श्रृंगार करते हैं।

श्रीकृष्ण का विशेष श्रृंगार

मान्यता है कि द्वापर युग में इसी दिन भगवान विष्णु ने श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लिया था। इस वर्ष यह पर्व 16 अगस्त, शनिवार को मनाया जाएगा। Krishna Janmashtami के दिन व्रत, पूजा और रात में जन्मोत्सव का आयोजन किया जाता है। बाल गोपाल के श्रृंगार और सजावट का विशेष महत्व होता है।

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झूला सजाने की परंपरा

जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल का झूला सजाना शुभ माना जाता है। वास्तु के अनुसार झूला सही दिशा में रखने से घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। आइए जानते हैं सही दिशा और सजावट के नियम।

झूला रखने की दिशा

वास्तु शास्त्र के मुताबिक कृष्ण का झूला उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) या पूर्व दिशा में रखना सबसे उत्तम है। ऐसा माना जाता है कि इन दिशाओं में देवताओं का वास होता है। झूले में रखे कान्हा की मूर्ति का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए।

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शुभ रंग

जन्माष्टमी पर पीला, सफेद, हल्का नीला या सुनहरे रंग का झूला शुभ माना जाता है। ये रंग सकारात्मकता और मंगल का प्रतीक माने जाते हैं।

झूले का प्रकार

वास्तु के अनुसार झूला लकड़ी का होना शुभ होता है। इसके अलावा चांदी या पीतल का झूला भी अच्छा माना जाता है। स्टील या लोहे के झूले से बचना चाहिए।

सजावट के आइटम

झूले को तुलसी, गेंदे के फूल, गुलाब, आम के पत्ते से सजाएं और तोरण लगाएं। रेशमी कपड़े, मोती, मणि और मोर पंख से सजावट करने से झूले की शोभा बढ़ जाती है।

नोट – यह जानकारी सामान्य धार्मिक मान्यताओं और उपलब्ध स्रोतों पर आधारित है। विशेष जानकारी के लिए योग्य धर्म विशेषज्ञ से परामर्श लें।


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Kumari Sulekha

कुमारी सुलेखा एक अनुभवी लेखिका हैं। वह मुख्य रूप से धार्मिक विचारों, भारतीय संस्कृति, जीवनशैली और वास्तु शास्त्र पर लेखन करती हैं। इस क्षेत्र में कुमारी सुलेखा को 4 साल का अनुभव प्राप्त है।

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कुमारी सुलेखा एक अनुभवी लेखिका हैं। वह मुख्य रूप से धार्मिक विचारों, भारतीय संस्कृति, जीवनशैली और वास्तु शास्त्र पर लेखन करती हैं। इस क्षेत्र में कुमारी सुलेखा को 4 साल का अनुभव प्राप्त है।

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