सोनिया गांधी ने मांगा गृहमंत्री का इस्तीफा, पूछा-हिंसा के दौरान कहा थे गृहमंत्री

सोनिया गांधी

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में पिछले तीन दिनों से जारी हिंसा में अबतक 20 लोगों की मौत हो चुकी है। उत्तर पूर्वी दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर लगातार हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने दिल्ली हिंसा पर प्रेस कांफ्रेंस की। प्रेस कांफेंस में कांग्रेस के कई दिग्गज नेता मौजूद थे।

बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून का विरोध करने वाले और समर्थन करने वालों दो गुटों के बीच झड़प के बाद धीरे-धीरे यह हिंसा में बदल गई। दिल्ली में कई जगहों पर भीषण आगजनी हुई है। कई दुकानों और घरों को आग के हवाले कर दिया गया।

इस बीच कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गृहमंत्री अमित शाह की इस्तीफा मांगा है। सोनिया गांधी ने गृहमंत्री और दिल्ली सरकार से सवाल करते हुए पूछा कि जब दिल्ली में हिंसा को लेकर इंटेलिजेंस की इनपुट थी तो कहां दिल्ली सरकार और गृह मंत्रालय। सोनिया गांधी ने कहा कि दिल्ली की मौजूदा हालात चिंताजनक है।

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उन्होंने कहा कि दिल्ली में हिंसा एक साजिश है। बीजेपी नेताओं ने भड़काऊ बयान दिए। चुनाव के दौरान दिल्ली के लोगों के बीच नफरत फैलाया। दिल्ली की स्थिति के लिए केंद्र सरकार और गृहमंत्री अमित शाह जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पूछा कि रविवार को गृह मंत्री कहां थे, क्या कर रहे थे? हिंसा वाली जगहों पर कितनी पुलिस फोर्स लगी? हालात बिगड़ने पर पारा मिलिट्री फोर्स की तैनाती क्यों नहीं की गई? दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल क्या कर रहे थे? सोनिया गांधी ने कहा कि दिल्ली हिंसा पर गृहमंत्री को सभी दलों की बैठक करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

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बता दें कि राजधानी दिल्ली में लगातार तीन-चार दिनों से नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कई जगहों पर हिंसा हुई है। इस हिंसा में 20 लोगों की मौत हो गई है।

वहीं दिल्ली हिंसा पर पूर्व गृहमंत्री पी चिदंबरम ने दिल्ली पुलिस पर निशाना साधा। चिदंबरम ने कहा कि चाहे गृह मंत्री हो या फिर गृह मंत्रालय, सरकार का कर्तव्य है कि वह हिंसा रोके। हिंसा सोमवार से ही जारी है। अब भी हिंसा की घटनाएं लगातार हो रही हैं। यह दिल्ली पुलिस की भारी विफलता को दर्शाता है।