पाकिस्तान ने जाधव मामले में 18वीं बार राजनयिक मदद की अर्जी की खारिज

नई दिल्ली। भारत के पूर्व नौसैनिक अधिकारी कुलभूषण जाधव पर पाकिस्तान ने फिर से नया पैतरा अपनाया है। इसबार भी पाकिस्तान ने भारतीय राजनयिक को कुलभूषण जाधव से मिलने देने से इंकार कर दिया। उलटे पाकिस्तान ने भारत पर आरोप लगाया है कि भारत पाकिस्तान में कथित रूप से आतंक फंडिंग और गतिविधियों में शामिल है।

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गौरतलब है कि यह लगातार 18वीं बार है जब पाकिस्तान ने भारत की अपील ठुकराई है। पाकिस्तान कुलभूषण मामले में अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट में पटखनी खा चुका है। कुलभूषण मामले पर अंतर्राष्टीय कोर्ट ने पाकिस्तान को कड़ी फटकार भी लगाई थी। पाकिस्तान ने फिर से अपना पुराना झूठा राग अलापते हुए कहा कि कुलभूषण जाधव आतंकी गतिविधियों के लिए ब्लूचिस्तान में आए थे।

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बता दें कि अंतर्राष्टीय कोर्ट ने 18 मई को 46 वर्षीय भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव की फांसी को रोक दिया था। भारत ने पाकिस्तान के फैसले के खिलाफ 8 मई को अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। भारत शुरू से ही जाधव पर पाकिस्तान के आरोप खारिज करता रहा है और जाधव के फांसी की सजा का विरोध कर रहा है।

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पाकिस्तान द्वार कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा देने के निर्णय को अंतर्राष्टीय कोर्ट ने गलत बताया था और तत्काल कोर्ट ने कुलभूषण को फांसी पर रोक लगा दी थी। लेकिन फिर भी पाकिस्तान भारत को कुलभूषण से मिलने के लिए राजनयिक रास्ता एक्सेस नहीं दे रहा है। बता दें कि भारत ने पाकिस्तान शख्त लहजों में ये कह चुका है कि अगर जाधव को फांसी की सजा हुई तो भारत इसे पूर्वनियोजित हत्या मानेगा। इससे दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान पहुंच सकता है।

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