Highlights:
- 83% से ज्यादा लोगों ने EVM को भरोसेमंद माना
- कलबुर्गी और मैसूर में लोगों को ज्यादा भरोसा
- राहुल गांधी के आरोपों पर खुद कांग्रेस घिरी
Highlights:
- 83% से ज्यादा लोगों ने EVM को भरोसेमंद माना
- कलबुर्गी और मैसूर में लोगों को ज्यादा भरोसा
- राहुल गांधी के आरोपों पर खुद कांग्रेस घिरी
कर्नाटक की कांग्रेस सरकार द्वारा कराए गए एक आधिकारिक सर्वे ने देश में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की विश्वसनीयता को लेकर चल रही बहस को नया मोड़ दे दिया है। सर्वे के मुताबिक, राज्य की बड़ी आबादी EVM को सुरक्षित और सटीक मानती है। इन नतीजों के सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस और खासतौर पर राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ वाले आरोपों पर तीखा हमला बोला है।
सरकारी सर्वे में क्या निकला?
यह सर्वे कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी V. Anbukumar के माध्यम से कराया गया था। इसमें राज्य के 102 विधानसभा क्षेत्रों के 5,100 लोगों से बातचीत की गई। सर्वे में 83.61% लोगों ने EVM को भरोसेमंद बताया। वहीं 69.39% प्रतिभागियों ने कहा कि EVM सटीक नतीजे देती है, जबकि 14.22% लोगों ने इस पर पूर्ण सहमति जताई।
सर्वे के अनुसार, कलबुर्गी में EVM पर सबसे अधिक भरोसा देखा गया, जहां 94.48% लोगों ने इसे विश्वसनीय माना। मैसूर में यह आंकड़ा 88.59% रहा, जबकि बेंगलुरु जैसे महानगर में भी 63.67% लोग EVM के पक्ष में नजर आए। आंकड़े बताते हैं कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में EVM को लेकर भरोसा बना हुआ है।
BJP का कांग्रेस पर हमला
सर्वे के नतीजे सामने आते ही BJP ने कांग्रेस पर पलटवार तेज कर दिया। कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता R. Ashok ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि वर्षों से राहुल गांधी देश में यह दावा करते रहे हैं कि लोकतंत्र खतरे में है और EVM अविश्वसनीय हैं, लेकिन कांग्रेस की अपनी सरकार के सर्वे ने उनकी बातों को गलत साबित कर दिया है। BJP ने इसे कांग्रेस के लिए शर्मिंदगी वाला क्षण बताया।
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बैलेट पेपर पर विवाद क्यों?
यह सर्वे ऐसे समय आया है जब मुख्यमंत्री Siddaramaiah के नेतृत्व वाली सरकार ने स्थानीय निकाय चुनाव बैलेट पेपर से कराने का प्रस्ताव रखा है। सरकार का तर्क है कि जनता का EVM पर भरोसा कम हो रहा है। BJP ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब सरकारी सर्वे खुद EVM पर जनता का भरोसा दिखा रहा है तो बैलेट पेपर की वापसी राज्य को पीछे ले जाने जैसा कदम है।
क्या है राहुल गांधी का रुख?
कांग्रेस नेता Rahul Gandhi लंबे समय से EVM की पारदर्शिता पर सवाल उठाते रहे हैं। लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान उन्होंने EVM को ब्लैक बॉक्स बताते हुए वोट चोरी जैसे आरोप लगाए थे। अब कर्नाटक सरकार के इसी सर्वे ने कांग्रेस को रक्षात्मक स्थिति में ला दिया है।

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