जेएनयू हिंसा: 20 से ज्यादा छात्र घायल, गृहमंत्री ने मांगी रिपोर्ट

जेएनयू हिंसा

नई दिल्ली। दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में एक बार फिर हिंसा हुई है। जेएनयू हिंसा में छात्रों के सिर में काफी चोटें लगी हैं। जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष आइशी घोष के सिर पर गंभीर चोट लगी है। खबरों के मुताबिक, जेएनयू हिंसा में 20 से ज्यादा छात्र घायल हुए हैं। घायल हुए छात्रों को चिकित्सा सुविधा दी गई है।

घटना के बाद सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी छात्रों से मिलने जेएनयू पहुंचे। उन्होंने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वो नाकाबपोश कौन थे, जो जेएनयू में घुसे और छात्रों पर हमला किया। वहीं घायलों से मुलाकात के बाद प्रियंका गांधी ने कहा कि एम्स ट्रॉमा सेंटर में घायल छात्रों ने मुझे बताया कि गुंडों ने परिसर में प्रवेश किया और लाठी के अलावा अन्य हथियारों से हमला किया।

जेएनयू हिंसा में घायल हुए छात्रों को इलाज के लिए एम्स में भर्ती कराया गया है। हमले में बुरी तरह घायल हुईं जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष आइशी घोष ने कहा, ‘मुझे मास्क पहने गुंडों ने बेरहमी से मारा है। मेरा खून बह रहा है। मुझे बेरहमी से पीटा गया है। दूसरी ओर एबीवीपी ने लेफ्ट के छात्र संगठनों पर आरोप लगाया है कि एसएफआई, आइसा और डीएसएफ के कार्यकर्ताओं ने उनके छात्रों पर हमला किया।

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एबीवीपी की जेएनयू यूनिट के अध्यक्ष दुर्गेश कुमार ने कहा, ‘जेएनयू में एबीवीपी के कार्यकर्ताओं पर लेफ्ट के छात्र संगठनों एसएफआई, आइसा और डीएसएफ से जुड़े करीब 400 से 500 लोगों ने हमला किया है। जेएनयू मामले को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से बात की है और हालात की जानकारी ली।

गृहमंत्री अमित शाह ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया कि आईजी लेबल की एक अधिकारी की कमेटी बनाकर जल्द ही गृह मंत्रालय को रिपोर्ट दी जाए। हिंसा में घायल लोगों को दिल्ली एम्स के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि जेएनयू में हिंसा बेहद निंदनीय, यह यूनिवर्सिटी की परंपरा के खिलाफ है।

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राहुल गांधी ने जेएनयू मामले पर कहा कि जेएनयू की घटना से हैरान हूं। बहादुर छात्रों की आवाज से फासीवादी ताकतें डरी हुई है। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने जेएनयू हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस को हिंसा रोकने के लिए उपराज्यपाल से तुरंत निर्देश देने की मांग की। जेएनयू हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस ने फ्लैगमार्च किया। वहीं नाराज छात्रों ने दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया।