जमालपुर रेलवे इंस्टीट्यूट को लेकर बवाल, सुशील मोदी ने बताया भ्रामक खबर

जमालपुर रेलवे इंस्टीट्यूट

पटना। बिहार के गौरवशाली इतिहास से जुड़ा जमालपुर रेलवे इंस्टीट्यूट को लखनऊ शिफ्ट करने की खबर को बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने भ्रामक खबर बताया है। उन्होंने बुधवार को कहा कि मुंगेर (Munger) जिला के जमालपुर में इंडियन रेलवे इंस्टीट्यूट ऑफ मैकेनिकल एंड इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (IRIMEE) को जमालपुर से हटाकर लखनऊ ले जाने की खबर भ्रामक और बेबुनियाद है।

बता दें कि इस मामले को लेकर बिहार के ही जल संसाधन मंत्री संजय झा ट्वीट कर विरोध किया था। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा था कि मुंगेर के जमालपुर स्थित इंडियन रेलवे इंस्टीट्यूट को शिफ्ट करने को लेकर 24 अप्रैल को जारी हुए आदेश का बिहार कड़ा विरोध करता है। उन्होंने मामले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया था।

संजय झा अपने दूसरे ट्वीट में जानकारी देते हुए लिखा था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 1 मई को रेल मंत्री पीयूष गोयल को एक पत्र लिखकर केंद्र सरकार के इस फैसले को तुरंत ही वापस लेने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि इंडियन रेलवे इंस्टीट्यूट ऑफ मेकेनिकल एंड इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग रेलवे और बिहार की समृद्ध विरासत है। इसे बिहार से अलग नहीं किया जाना चाहिए।

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इस संबंध में उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि रेलमंत्री ने बताया कि सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस संबंध में अविलंब जवाब देकर वस्तुस्थिति को स्पष्ट करेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कहा है कि जमालपुर स्थित रेलवे इंस्टीट्यूट (Railway Institute) को बड़ौदा के रेलवे व ट्रांसपोर्ट विश्वविद्यालय के कैंपस की तरह बनाया जाएगा। ताकि यहां के छात्रों को बेहतर प्रशिक्षण दिया जा सके।

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बता दें कि बिहार के मुंगेर जिले में स्थित जमालपुर में इंडियन रेलवे इंस्टीट्यूट ऑफ मैकेनिकल एंड इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग को 1888 में स्थापित किया गया था। यह देश का सबसे पुराना इंस्टीट्यूट है। यहां पर भारतीय रेल अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाता है।

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