यूरोपीय यूनियन में खत्म हुआ ब्रिटेन का सफर, ईयू को कहा बाय

यूरोपीय यूनियन

नई दिल्ली। ब्रिटेन 31 जनवरी को आधी रात को यूरोपीय यूनियन से अलग हो गया। ब्रिटेन के अलग होने के साथ ही यूरोपीय यूनियन के सभी देशों के साथ उसकी 47 साल पुरानी राजनीतिक, आर्थिक और कानूनी एकजुटता खत्म हो गई। यूरोपीय यूनियन से अलग होने के बाद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने इसे नए युग की शुरुआत कहा।

ब्रिटेन 1973 में ईयू से जुड़ा था

विशेषज्ञो का मानना है कि ईयू से अलग होने के बाद ब्रिटेन की किस्मत और समृद्धि नया आकार लोगी। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा कि यह नए युग की शुरुआत है। बता दें कि ब्रिटेन ईयू से 1973 में जुड़ा था।

28 देशों के यूरोपीय यूनियन से अलग होने के लिए ब्रिटेन में 2016 में ब्रेक्जिट पर जनमत संग्रह कराया गया था। जनमत संग्रह में अलग होने के पक्ष में ज्यादा लोगों ने वोट किया। जिसके बाद ब्रिटेन ईयू से अलग हो गया। हालांकि ईयू से अलग होने में ब्रिटेन को 43 महीनों का वक्त लग गया।

यह भी पढ़ें -   कोरोना वायरस वैक्सीन का ट्रायल हुआ शुरू, 80 फीसदी सफलता की उम्मीद
ब्रेजिक्ट की समय सीमा तीन बार बढ़ाई गई

ईयू से अलग होने के लिए संसद में गरिरोध के कारण ब्रेजिक्ट की समय सीमा तीन बार बढ़ाई गई। लेकिन संसद से पारित नहीं होने के कारण टेरीजा मे को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा।

ब्रिटेन में टेरीजा मे के इस्तीफे के बाद बोरिस जॉनसन पीएम की कुर्सी पर काबिज हुए। हालांकि ब्रेक्जिट पर संसद में लगातार गतिरोध रहने के बाद पीएम जॉनसन ने मध्यावधि चुनाव कराया था। जिसके बाद जॉनसन की कंजरवेटिव पार्टी बहुमत के साथ सत्ता पर फिर से काबिज हुआ।

यह भी पढ़ें -   पीएम मोदी का रूस दौरा इन मायनों में है अहम
बोरिस जॉनसन की सत्ता में फैसला

मध्यावधि चुनाव में अपार सफलता के बाद जॉनसन ने कहा था कि हमें नया जनादेश मिल गया है। ब्रिटेन 31 जनवरी को यूरोपीय यूनियन से अलग हो जाएगा। हालांकि 31 जनवरी को यूरोपीय यूनियन से अलग होने के बाद भी ब्रिटेन को अभी एक साल का वक्त लगेगा।

ब्रेक्जिट का सफर

  • – 23 जून, 2016 को हुए जनमत संग्रह में 52 फीसद ने इसके पक्ष में वोट दिया।
  • – 27 मार्च, 2017 को ब्रिटिश सरकार ने ईयू से अलग होने की प्रक्रिया शुरू हुई।
  • – ईयू से ब्रिटेन के अलग होने की पहली समयसीमा 29 मार्च, 2019 से बढ़ाकर 12 अप्रैल, 2019 की गई।
  • – तीसरी बार समयसीमा 31 अक्टूबर और फिर 31 जनवरी, 2020 की तय की गई।
  • – 23 जनवरी को ब्रिटिश संसद और 29 जनवरी को ईयू संसद ने समझौते पर अपनी मुहर लगाई।
यह भी पढ़ें -   अमेरिका की चुनावी प्रक्रिया भारत से कितना अलग है? आसान शब्दों में जानिए