नई दिल्ली। राज्यसभा का चुनाव: भारत में दो सदन हैं। पहला सदन राज्यसभा और दूसरा सदन लोकसभा, जिसे हम निचली और ऊपरी सदन के नाम से जानते हैं। ज्ञात हो कि इनमें लोकसभा जनता का सदन है जहां 18 साल से उपर की जनता द्वारा मदतदान से चुने गए सदस्य लोकसभा के सदस्य चुने जाते हैं। वहीं दूसरा राज्यों का सदन यानी राज्यसभा है जिसमें राज्यों के प्रतिनिधि होते हैं। लोकसभा भंग भी किया जा सकता है जबकि राज्य सभा कभी भंग नहीं होता क्योंकि राज्यसभा एक स्थायी सदन है।
बता दें कि राज्यसभा में 17 राज्यों की 55 सीटों पर 26 मार्च को चुनाव होना है। देश की सबसे बड़ी पार्टी कही जाने वाली बीजेपी सहित तमाम राजनीतिक दलों ने राज्यसभा की ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है।
वहीं मध्य प्रदेश में सियासी उथल-पुथल के पीछे का मकसद राज्यसभा के चुनाव को माना जा रहा है। अब चूकि राज्यसभा की 55 सीटों पर मतदान होने जा रहा है तो आइए आज जान लेते हैं कि आखिर राज्य सभा में वोटिंग होती कैसे है? बता दें कि राज्यसभा की पहली बार 3 अप्रैल, 1952 को गठित की गई थी। जिसके लिए राज्यसभा की पहली बैठक 13 मई 1952 को हुई थी। राज्यसभा में सदस्यों की अधिकतम संख्या 250 है, जिसमें से 238 सदस्य निर्वाचित किए जाते हैं और 12 सदस्य भारत के राष्य्रपति द्वारा नाम- निर्देशित किए जाते हैं।
राज्यसभा प्रत्याशी के लिए आयु और योग्यता
- प्रत्याशी भारत का नागरिक हो
- उम्र न्यूनतम 30 साल होना आनिवार्य है।
- लोकसभा में प्रत्याशी की न्यूनतम उम्र 25 वर्ष तय की गई है।
इस प्रकार से होती है वोटिंग
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राज्यसभा में नामांकन फाइल दर्ज करने के लिए न्यूनतम 10 सदस्यों की सहमति आवश्यक होती है। जिसमें सदस्यों का चुनाव एकल हस्तांतरणीय मत के जरिए निर्धारित कानून से होता है। इसके अनुसार राज्य की कुल विधानसभा सीटों को राज्यसभा की सदस्य संख्या में एक जोड़ कर उसे विभाजित किया जाता है फिर उसमें 1 जोड़ दिया जाता है। राज्यसभा में सदस्यों का चुनाव राज्य विधान सभा के निर्वाचित सदस्यों द्वारा किया जाता है।
इस प्रकार तय होती है राज्य से सांसदों की संख्या
प्रत्येक राज्य के प्रतिनिधियों की संख्या ज़्यादातर उस राज्य की जनसंख्या पर निर्भर करती है। उदाहरण के लिए उत्तर प्रदेश की जनसंख्या के आधार पर राज्यसभा में 31 सदस्य हैं। जबकि अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मेघालय, गोवा, मणिपुर, मिजोरम, सिक्किम, त्रिपुरा आदि जैसे छोटे राज्यों के केवल एक सदस्य हैं।

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