Highlights:
- मंडी जिले के तलवारा गांव में बादल फटने से पूरा परिवार उजड़ गया
- पिता की मौत, मां और दादी लापता, 10 महीने की बच्ची जिंदा बची
- पड़ोसी ने बच्ची को बचाकर उसके रिश्तेदार को सौंपा
Highlights:
- मंडी जिले के तलवारा गांव में बादल फटने से पूरा परिवार उजड़ गया
- पिता की मौत, मां और दादी लापता, 10 महीने की बच्ची जिंदा बची
- पड़ोसी ने बच्ची को बचाकर उसके रिश्तेदार को सौंपा
Rain Havoc in Himachal: हिमाचल में भारी बारिश की वजह से मंडी जिला एक बार फिर से तबाही झेल रहा है। पहाड़ों पर बरसती आफत की बारिश ने कई गांवों को चपेट में ले लिया है। मंगलवार को मंडी के थुनाग उपमंडल के तलवारा गांव (Talwara Village) में बादल फटने (Cloudburst) से एक ही परिवार की ज़िंदगी उजड़ गई। इस घटना में 10 महीने की बच्ची नितिका अकेली बची है जबकि उसके माता-पिता और दादी लापता या मृत पाए गए हैं।
बच्ची के पिता रमेश कुमार मंगलवार सुबह घर में पानी घुसने से रोकने की कोशिश कर रहे थे। तभी तेज़ गड़गड़ाहट और भारी बारिश के साथ बादल फटा और मलबा पूरे घर में घुस गया। रमेश का शव मलबे में मिला। वहीं बच्ची की मां राधा देवी और दादी पुर्णू देवी की तलाश जारी है।
मासूम रोती रही, पड़ोसी ने बचाई जान
घटना के बाद गांव के ही प्रेम सिंह ने नितिका को रोते देखा। बच्ची पूरी तरह गीली थी और उसकी मां-पिता आसपास नहीं थे। उन्होंने तुरंत बच्ची को रमेश के चचेरे भाई बलवंत के पास पहुंचाया। बलवंत हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के निजी सुरक्षा अधिकारी हैं।
बलवंत ने बताया कि नितिका को बचाने के बाद प्रशासन ने आगे की देखरेख की जिम्मेदारी ली है। उपमंडलीय मजिस्ट्रेट (SDM) ने बच्ची के नाम पर बैंक खाता (Bank Account) खुलवाने की बात कही है ताकि मदद के लिए आने वाली राशि सीधे उसमें जमा की जा सके।
मंडी में तबाही के कई चेहरे
यह भी ट्रेंड में है 😊👇

Bangladesh Breaking News: पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया का निधन, 80 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की प्रमुख खालिदा जिया का निधन…

भागलपुर के सुल्तानगंज में बनेगा बिहार का पहला ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, DGCA ने शुरू की साइट क्लियरेंस प्रक्रिया
भागलपुर के सुल्तानगंज में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को लेकर प्रक्रिया तेज हो गई है। DGCA…

RRB NTPC CBAT Admit Card 2025: हॉल टिकट यहां से करें डाउनलोड
RRB NTPC CBAT Admit Card 2025: रेलवे NTPC परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के…
सिर्फ तलवारा गांव ही नहीं, मंडी जिले में कई इलाकों में बादल फटने और भूस्खलन (Landslide) की घटनाएं दर्ज की गई हैं। पवारा, थुनाग, बैदशाड़, कंडा और मुराद पंचायतें सबसे अधिक प्रभावित हुई हैं। इन क्षेत्रों में सड़कों का संपर्क टूट गया है। बिजली की लाइनें उखड़ गई हैं और पेयजल योजनाएं भी ध्वस्त हो गई हैं।
अब तक जिला प्रशासन के मुताबिक 14 लोगों की मौत हो चुकी है और 31 लोग अब भी लापता हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन (Rescue Operation) लगातार जारी है।
गरीबी में गुज़रा परिवार का जीवन
रमेश एक किसान था जिसकी आमदनी बेहद सीमित थी। उनके पिता की मौत तब हुई थी जब वे केवल 6 महीने के थे। उनके परिवार की जिम्मेदारी पुर्णू देवी के ऊपर थी। पुर्णू देवी एक सरकारी स्कूल में चपरासी थीं और अगले 7 महीने में रिटायर होने वाली थीं। बच्ची की मां राधा देवी गृहिणी थीं। इस पूरे परिवार का जीवन संघर्ष से भरा था और अब इस त्रासदी ने उसे पूरी तरह बिखेर दिया है।

देश और दुनियाँ की ताजा खबरों के लिए बने रहें हमारे साथ। लेटेस्ट न्यूज के लिए Huntnews.Com के होमपेज पर जाएं। आप हमें फेसबुक, पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब कर सकते हैं।

































