अंक ज्योतिष का मतलब क्या होता है? जानें कैसे देखा जाता है

अंकज्योतिष का मतलब क्या होता है? अंक ज्योतिष के माध्यम से व्यक्ति के जीवन में भविष्य में होने वाली घटनाआों का पता लगाया जा सकता है।
अंक ज्योतिष का मतलब क्या होता है?

अंक ज्योतिष का मतलब क्या होता है? अंक ज्योतिष को कैसे देखा जाता है? अंक ज्योतिष (Numerology) अंकों की सहायता से होने वाले भविष्य में घटनाओं का भविष्यवाणी करने का एक विज्ञान है। अंक ज्योतिष के माध्यम से भविष्य में होने वाली घटनाओं के बारे में पता लगाने का प्रयास किया जाता है। अंक ज्योतिष (Numerology) में गणित के नियमों का व्यवहारिक उपयोग होता है। आइए जानते हैं अंक ज्योतिष का मतलब क्या होता है?

मनुष्य के अस्तित्व के विभिन्न पहलुओं के बारे में अंक ज्योतिष के माध्यम से पता लगाया जा सकता है, ऐसी मान्यता है। अंक ज्योतिष में नवग्रहों जैसे सूर्य, चंद्रमा, गुरु, बुद्ध, शुक्र, यूरेनस, वरुण, मंगल और शनि की विशेषताओं के आधार पर गणना की जाती है। अंक ज्योतिष में अंको के माध्यम से मनुष्य के जीवन में यह भविष्य में होने वाली घटनाओं के बारे में पता लगाया जाता है।

अंक ज्योतिष क्या है?

अंक ज्योतिष का मतलब – ज्योतिष शास्त्र (Astrology) की तरह ही अंक ज्योतिष विज्ञान है, जिसके माध्यम से व्यक्ति के भविष्य के बारे में जानकारी दी जाती है। अंक ज्योतिष में अंकों के माध्यम से ऐसा किया जाता है। हिंदी में इसे अंक शास्त्र और अंग्रेजी में न्यूरोलॉजी के नाम से जाना जाता है। अंक ज्योतिष में मुख्य रूप से गणित के नियमों का प्रयोग करके व्यक्ति के जीवन के विभिन्न पहलुओं के बारे में आकलन किया जाता है।

इन 8 रनों के आधार पर ही व्यक्ति के भविष्य में होने वाली घटनाओं की भविष्यवाणी की जाती है। ज्योतिष शास्त्र में जहां ग्रहों की चाल, व्यक्ति के जन्म के समय, स्थान इत्यादि का गणना करके भविष्यवाणी की जाती है, वहीं अंक ज्योतिष में जातक की जन्म तिथि के आधार पर मूलांक निकाला जाता है और फिर इसी मूलांक के जरिए भविष्यफल निकाला जाता है।

अंक ज्योतिष का इतिहास (History of Numerology)

भारतीय ज्योतिष शास्त्र (Indian Astrology) के काफी प्राचीन विद्या है। इसी प्रकार अंक ज्योतिष का भी इतिहास (History of Numerology) बताया जाता है। माना जाता है कि अंक ज्योतिष का प्रयोग मिस्र में आज से करीब 10000 वर्ष पूर्व किया जाता था। अंक ज्योतिष के बारे में मिस्र के मशहूर गणितज्ञ पाइथागोरस ने सबसे पहले अंकों के महत्व को दुनिया के सामने रखा था। उन्होंने कहा था कि अंक ही ब्रह्मांड पर राज करते हैं।

पाइथागोरस के अनुसार, संसार में सबसे ज्यादा महत्व अंको का ही है। प्राचीन काल में माना जाता है कि अंक शास्त्र की जानकारी सिर्फ भारतीय, मिस्र, ग्रीक, हिब्रू और चीनियों को थी। स्वरोदम शास्त्र में अंक शास्त्र के विषय उपयोग के बारे में बताया गया है। यह एक प्राचीन भारतीय ग्रंथ है।

क्यों किया जाता है अंक ज्योतिष का प्रयोग?

अंक ज्योतिष का प्रयोग (Use of Numerology) मुख्य रूप से व्यक्ति के जीवन में भविष्य में होने वाली घटनाओं के बारे में पता लगाने के लिए किया जाता है। इसमें ज्योतिष शास्त्र में अंकित नवग्रहों के साथ मिलाप करके गणना की जाती है। 1 से 9 तक के अंको को नव ग्रहों का प्रतीक माना जाता है और इसी के आधार पर ग्रहों का मनुष्य के ऊपर प्रभाव की गणना की जाती है।

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इसी के आधार पर यह जानकारी प्राप्त की जाती है कि किस ग्रह पर किस अंक का असर है और उसका व्यक्ति के जीवन पर कैसा असर होने वाला है। किसी जातक के जन्म के बाद ग्रहों की स्थिति के आधार पर ही उसके व्यक्तित्व की जानकारी प्राप्त की जाती है। इसलिए जन्म के बाद जातक पर उस अंक का प्रभाव सबसे अधिक होता है, जो ग्रह जन्म के समय अधिक प्रभाव में होता है।

ज्योतिष शास्त्र (Astrology) की तरह ही अंक शास्त्र में भी व्यक्ति की सोच, शक्ति, दर्शन, स्वास्थ्य, शादी विवाह, कैरियर इत्यादि के बारे में पता लगाया जाता है। अंक शास्त्र में ऐसा माना जाता है कि यदि किसी भी दो व्यक्ति का मूलांक 1 हो तो उनके बीच तालमेल अच्छा रहता है। मूलांक 1 से 9 तक के अंक में कोई भी अंक हो सकता है। व्यक्ति के जन्म तिथि से मूलांक निकाला जाता है।

ज्योतिष शास्त्र की तरह अंक शास्त्र का महत्व (Importance of Numerology) अधिक होता है। अंक शास्त्र के जरिए व्यक्ति के जीवन में भविष्य में होने वाली घटनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की जाती है। अंक ज्योतिष की मदद से किसी व्यक्ति के अंदर मौजूद गुण, अवगुण, व्यवहार और उनकी विशेषताओं के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इसके जरिए व्यक्ति के जीवन से जुड़े हुए हर एक पहलुओं को अंको के माध्यम से ज्ञात किया जा सकता है।

वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) में भी आजकल अंक ज्योतिष का प्रयोग किया जाने लगा है। उदाहरण के लिए घर में सीढ़ियों की संख्या कितनी होगी? खिड़कियां और दरवाजे घर में कितनी होनी चाहिए, इसका निर्धारण वास्तु शास्त्र में अंक ज्योतिष के माध्यम से ही किया जाता है। आजकल कई लोग अपना भाग्योदय करने के लिए अंक ज्योतिष का प्रयोग करते हैं और अपने नाम के स्पेलिंग में परिवर्तन कर सफलता प्राप्त कर रहे हैं।

नोट- एक सामान्य जानकारी है। इस विषय में विशेष जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ से संपर्क करें।


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