नई दिल्ली। 1 अगस्त यानि आज देशभर में बकरीद का त्योहार मनाया जा रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देशवासियों को ईद-उल-अजहा की मुबारकबाद दी।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का बकरीद पर देशवासियों को संदेश-
ईद मुबारक। ईद-उल-जुहा का त्योहार आपसी भाईचारे और त्याग की भावना का प्रतीक है तथा लोगों को सभी के हितों के लिए काम करने की प्रेरणा देता है।
आइए, इस मुबारक मौके पर हम अपनी खुशियों को जरूरतमंद लोगों से साझा करें और कोविड-19 की रोकथाम के लिए सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
— President of India (@rashtrapatibhvn) August 1, 2020
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को ईद की मुबारकबाद देते हुए अपने संदेश में लिखा – “ईद उल अजहा पर बधाई, यह दिन हमें एक न्यायपूर्ण, सामंजस्यपूर्ण और समावेशी समाज बनाने के लिए प्रेरित करता है. भाईचारे और करुणा की भावना को आगे हमेशा बनी रहे”
Eid Mubarak!
Greetings on Eid al-Adha. May this day inspire us to create a just, harmonious and inclusive society. May the spirit of brotherhood and compassion be furthered.
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Dec 30, 2025— Narendra Modi (@narendramodi) August 1, 2020
इस बार का बकरीद का त्योहार कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से घरों पर ही मनाई गई। लोगों ने अपने-अपने घरों पर ही ईद की नमाज अदा की।
क्यों मनाया जाता है बकरीद? जानें इसका महत्व
इस्लामिक मान्यताओं के मुताबिक, अल्लाह ने हज़रत इब्राहिम की परीक्षा लेने की सोची। इसके लिए उन्होंने इब्राहिम से अपनी सबसे प्यारी चीज को कुर्बान करने को कहा। इब्राहिम के लिए सबसे प्यारी चीज उनका बेटा हज़रत ईस्माइल था।
लेकिन इब्राहिम ने बेटे की कुर्बानी देने के लिए तैयार हो गया और अल्लाह का हुक्म मानने का फैसला किया। यह बात जब ईस्माइल को पता चली तो वह भी अल्लाह के लिए कुर्बान होने के लिए तैयार हो गया।
जैसी इब्राहिम ने आंखें बंद कर अपने बेटे की गर्दन पर छुरी चलाई तो अल्लाह ने उनके बेटे की जगह पर दुंबा भेज दिया। इस तरह वहां पर दुंबा कुर्बान हो गया और ईस्माइल बच गए। तभी से इस्लाम धर्म में कुर्बानी देने का सिलसिला शुरू हो गया।

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