Lunar Eclipse Photos 2025 – साल 2025 का अंतिम चंद्र ग्रहण दुनिया भर के खगोल प्रेमियों के लिए एक अद्भुत अनुभव लेकर आया। भारत समेत कई देशों में इस दौरान ‘ब्लड मून’ यानी लाल रंग से चमकता चंद्रमा देखा गया। पृथ्वी की छाया करीब 3 घंटे से अधिक समय तक चंद्रमा पर रही, जिससे यह दृश्य न सिर्फ सुंदर था, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टि से भी बेहद रोचक बना। देशभर के अलग-अलग शहरों में लोगों ने इस दुर्लभ खगोलीय घटना को अपनी आँखों से देखा और कैमरों में कैद किया।
खगोल विज्ञान का अनूठा अवसर
चंद्र ग्रहण को आमतौर पर धार्मिक दृष्टि से देखा जाता है, लेकिन विज्ञान के जानकार इसे एक शानदार ब्रह्मांडीय घटना मानते हैं। इस बार चंद्र ग्रहण के दौरान पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा एक सीध में आ गए थे, जिसके कारण चंद्रमा पर सीधे सूर्य का प्रकाश नहीं पड़ सका। परिणामस्वरूप चंद्रमा पर पृथ्वी की छाया पड़ती रही, और उसे लालिमा लिए हुए देखा गया। भारत में दिल्ली, लखनऊ, गुवाहाटी, तिरुवनंतपुरम, चेन्नई समेत अनेक शहरों से इस दृश्य की शानदार तस्वीरें सामने आईं।

ब्लड मून का दुर्लभ दृश्य
‘ब्लड मून’ का अर्थ होता है वह अवस्था जब चंद्रमा पर पृथ्वी की छाया पड़ने से उसका रंग लाल दिखाई देता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, इस साल का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण 7 सितंबर 2025 की रात 9:57 बजे शुरू होकर 1:26 बजे तक चला। इस दौरान लगभग 82 मिनट तक पूर्ण चंद्र ग्रहण रहा, जिसे लाखों खगोल प्रेमियों ने उत्साह के साथ देखा। भारत में सूतक काल के चलते बद्रीनाथ, केदारनाथ जैसे प्रमुख मंदिरों के कपाट बंद रखे गए।
किन-किन देशों में दिखा चंद्र ग्रहण?
चंद्र ग्रहण सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहा। इसे यूएई, चीन, पाकिस्तान, ब्रिटेन, फ्रांस, दक्षिण अफ्रीका, तुर्किये जैसे देशों में भी देखा गया। वैज्ञानिकों के मुताबिक दुनिया के लगभग 77 प्रतिशत हिस्से में यह घटना दिखाई दी। टेलिस्कोप और कैमरों की मदद से कई लोगों ने चंद्रमा पर पड़ती पृथ्वी की छाया का लाइव दृश्य देखा। खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले लाखों लोगों ने इसे अपने जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बताया।
एशिया और ऑस्ट्रेलिया में चंद्र ग्रहण देखने वालों को सबसे शानदार अनुभव मिला। इसका मुख्य कारण यह था कि चंद्र ग्रहण चंद्रमा के ‘पेरिगी’ यानी पृथ्वी के सबसे नजदीक आने के 2.7 दिन पहले हुआ। इस वजह से चंद्रमा सामान्य से थोड़ा बड़ा और चमकदार दिखाई दिया। वैज्ञानिकों का मानना है कि चंद्रमा का यह आकार और उसकी लालिमा दोनों ही खगोलीय दृष्टि से बेहद रोचक रहे।
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दुनिया भर में लोगों ने कैद किए अनोखे लम्हे
चंद्र ग्रहण के दौरान यूरोप और अफ्रीका के कई हिस्सों में चंद्रोदय के समय यह दृश्य दिखा। क्षितिज पर लालिमा से रंगा चंद्रमा बेहद आकर्षक लग रहा था। फोटोग्राफरों और खगोल प्रेमियों ने इस घटना को रिकॉर्ड करने के लिए आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया। भारत में भी सैकड़ों लोगों ने टेलीस्कोप के ज़रिए चंद्रमा का अवलोकन किया। थाईलैंड, जापान, हांगकांग, चीन और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में वैज्ञानिकों ने इसे कई मिनट तक निहारा और रिकॉर्ड किया।
क्या चंद्र ग्रहण को नंगी आँख से देखा जा सकता है?
वैज्ञानिकों के अनुसार, चंद्र ग्रहण देखना पूरी तरह सुरक्षित है। इसके लिए किसी विशेष चश्मे या फिल्टर की आवश्यकता नहीं होती। हालांकि, नज़दीकी खगोलीय घटनाओं का अध्ययन करने वाले वैज्ञानिक विशेष उपकरणों का प्रयोग करके इस दृश्य को अधिक स्पष्टता से देख सकते हैं। सामान्य दर्शकों के लिए चंद्र ग्रहण का आनंद नंगी आँखों से लिया जा सकता है।

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