लालू ने नीतीश को कहा पलटूराम, बोले-वोट के लिए गिड़गिड़ाने आए थे

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पटना। महागठबंधन टूटने के बाद लालू यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जमकर आरोप लगाये। उन्होंने नीतीश कुमार को पलटूराम बताते हुए कहा कि ये सत्ता के लिए कुछ भी करेंगे। दूसरी ओर सोमवार को पहली बार नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मीडिया के सामने आए। उन्होंने खुद पर लग रहे आरोपों का जवाब दिया और महागठबंधन टूटने का ठीकरा राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के सिर पर फोड़ा।

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राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने कहा कि राज्य में गठबंधन सरकार के गठन के लिए उन्होंने भाजपा के साथ ‘‘मैच फिक्स’’ किया था। उन्होंने कहा कि तेजस्वी तो केवल एक बहाना था। लालू यादव ने नीतीश कुमार को अवसरवादी और पलटूराम बताते हुए कहा कि अगर तेजस्वी इस्तीफा दे भी देते तो जदयू नेता महागठबंधन तोड़ने की अपनी योजना नहीं छोड़ते। इससे पहले सोमवार को नीतीश कुमार ने कहा था कि उनके पास महागठबंधन छोड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं था क्योंकि वह भ्रष्टाचार से समझौता नहीं करना चाहते थे।

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लालू यादव ने आगे कहा कि जिस शरद यादव ने नीतीश कुमार को आगे बढ़ाया, उनकी भी कद्र नहीं की जा रही है। उन्होंने अपने स्वार्थ के लिए मेरे बेटे की बलि देने की सोची। मीडिया के सामने लालू यादव पूरे रौ में दिखे। लालू ने कहा कि वे नीतीश को बचपन से जानते हैं। उनका कोई जनाधार नहीं है। वे सत्ता के लालची नेता हैं। लालू ने कहा कि जिस 1970-71 में वे छात्र संघ के सचिव बने, उस समय नीतीश का कहीं अता-पता नहीं था।

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लालू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 2019 के लोकसभा चुनाव में चुनौती देने वाला कोई नहीं होने के नीतीश के दावे का उपहास उड़ाते हुए कहा, ‘‘नरेंद्र मोदी के पक्ष में नारेबाजी करते रहें। पीएम मैटेरियल (नीतीश कुमार) उनके सामने जाकर नतमस्तक हो गए। लेकिन 2019 में उनके (मोदी के) खिलाफ हमारे पास कोई दूसरा चेहरा होगा।’’ लालू बोले, नीतीश ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा था कि हमको लालू ने जहर कहा था। सही तो बोले थे कि नीतीश कुमार जहर है। उनके चरित्र से आज हर कोई वाकिफ हो गया है।

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लालू यादव यहीं नहीं थमे। उन्होंने शरद यादव से जदयू से बाहर आने को कहा और सांप्रदायिक ताकतों से देश को बचाने के लिए धर्मनिरपेक्ष दलों से हाथ मिलाने को कहा। हालांकि उन्होंने इस बात को साफ किया उन्होंने शरद यादव को सांप्रदायिक ताकतों के साथ हाथ मिलाने को कहा है न कि राजद में शामिल होने को। लालू ने यह भी कहा कि वे नहीं चाहते थे कि महागठबंधन में नीतीश को आगे किया जाये। लेकिन, मुलायम सिंह के कहने के बाद नीतीश को आगे किया गया।

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लालू यादव ने कहा कि मुलायम सिंह से ही इस बात की घोषणा करने को कहा था। लालू बोले, उस समय मैंने कहा कि था कि देश से दंगाई और फासिस्ट ताकतों को दूर रखने के लिए यदि जहर भी पीना पड़े तो पी लेंगे। लालू के अनुसार नीतीश को आगे बढ़ाने में जितना उनका हाथ है, वह हर कोई जानता है। लेकिन, सामंतों के बीच में रहने वाले नीतीश ने तमाम पिछड़ों और अतिपिछड़ों की उम्मीदों का गला घोंट दिया। अब तो जदयू समाप्‍त हो चुका है। नीतीश कुमार अब भगवा पहनकर जय श्रीराम-जय श्रीराम करते रहें।

 

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