नई दिल्ली। ओला और उबर के खिलाफ हो रहे हिंसक प्रदर्शन को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए दिल्ली पुलिस को कैब कंपनी और कैब ड्राइवरों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने को कहा है। कोर्ट ने प्रदर्शनकारियों को हिदायत देते हुए कहा कि वह शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखें।
हाईकोर्ट ने दोनों ड्राइवर्स यूनियन से कहा कि वे इस बात को अपने मन से निकाल दें कि जिस तरीके से वो सरकार से अपनी बात मनवा लेते हैं वैसे ही वो इन कंपनियों से करवा लेंगे। कोर्ट ने कहा कि शांतिपूर्ण व्यापारिक समझौतों के अलावा अपनी मांगें रखने का कोई रास्ता नहीं है।
दूसरी तरफ दिल्ली सर्वोदय ड्राइवर एसोसिएशन और राजधानी टूरिस्ट ड्राइवर्स यूनियन ने इन हिंसक घटनाओं की जिम्मेदारी लेने से इंकार कर दिया है। वहीं राजधानी यूनियन के कहा कि वो सिर्फ टूरिस्ट कैब को ऑपरेट कर रही है। इन हिंसक घटनाओं से उसका कोई लेना-देना नहीं है।
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कोर्ट ने यूनियन को समझाया कि अगर ये हिंसक घटनाएं जारी रहेंगी तो लोगों का विश्वास उनपर से उठ जाएगा और आखिरकार नुकसान आप लोगों का ही होगा। लोग ट्रांसपोर्ट के दूसरे विकल्प खोज लेंगे। हाईकोर्ट ने कहा कि अगर यूनियन को लग रहा है कि ओला और उबर उन्हें कम पैसे दे रही है तो उनके पास ब्लैक और येलो टैक्सी चलाने का विकल्प खुला है।

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