डोनाल्ड ट्रंप ने NSA जॉन बोल्टन को किया बर्खास्त, सलाह से थे असहमत

Donald Trump
0
()

नई दिल्ली। मंगलवार को राष्ट्रपति ट्रंप (Donald Trump) ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन को पद से हटा दिया। ट्रंप ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। ट्रंप (Donald Trump) ने कहा कि एक सप्ताह के अंदर नए एनएसए की घोषणा की जाएगी। बोल्टन तीसरे एनएसए हैं जिन्हें ट्रंप ने बर्खास्त किया है। बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप (Donald Trump) बोल्टन की सलाह से असहमत थे।

ट्रंप ने ट्वीट कर कहा कि पिछली रात मैंने बोल्टन से कहा कि अब वाइट हाउस में उनकी सेवाओं की जरूरत नहीं है। मैं उनकी कई सलाह से असहमत हूं। लिहाजा मैंने जॉन से इस्तीफा मांगा और उन्होंने मुझे सुबह इसे सौंप दिया। जॉन की सेवाओं के लिए शुक्रिया। बोल्टन ऐसे एनएसए थे जिन्हें सेना और राष्ट्रीय सुरक्षा का कोई अनुभव नहीं था। हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप (Donald Trump) ने इससे पहले हटाए गए एनएसए पर भी यही टिप्पणी करते हुए बर्खास्त किया था।

कौन हैं जॉन बोल्टन

जॉन बोल्टन का जन्म मैरीलैंड के बाल्टीमोर में 20 नवंबर 1948 को हुआ था। उन्हें यूएस का 27वां राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बनाया गया था। बोल्टन ने येल विश्वविद्यालय से अपनी पढ़ाई पूरी की। 1970 में उन्होंने बीए की डिग्री ली। 1971 से लेकर 1974 तक वह येल लॉ स्कूल में रहे। जॉन बोल्टन मुस्लिम विरोधी गैस्टस्टोन इंस्टीट्यूट के अलावा कई रूढ़िवादी संगठनों के साथ जुड़े रहे हैं।

यह भी पढ़ें -   Pakistan in Punjab! केंद्र सरकार ने सेना और बीएसएफ को जारी किया रेड अलर्ट

बोल्टन न्यू अमेरिकन सेंचुरी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर भी रहे। 70 वर्षीय बोल्टन युद्ध के पक्षधर माने जाते हैं। बोल्टन कई देशों में सत्ता परिवर्तन की वकालत करते हैं। ईरान की परमाणु डील को खत्म करने के लिए भी उन्होंने कई बार खुलकर बोला है। बोल्टन अमेरिका में कई अहम सरकारी विभागों में बड़े पद पर रह चुके हैं।

बोल्टन संयुक्त राष्ट्र के भी विरोधी रहे हैं। हालांकि वो जॉर्ज बुश के समय में संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत रह चुके हैं। वह मानते थे कि अंतराष्ट्रीय संस्थाएं अमेरिकी संप्रमुत्ता का उल्लंघन करती हैं। बोल्टन ने तो 1994 में कहा था कि कोई संयुक्त राष्ट्र नहीं है।

यह भी पढ़ें -   ट्रंप और किम के मुलाकात का क्या होगा दुनिया पर असर?

बोल्टन इसके अलावा इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट के विरोधी रहे हैं। बोल्टन का मानना था कि सिर्फ एक अंतर्राष्ट्रीय समुदाय है, जिसे दुनियां की असली तकत चलाती है और वह है अमेरिका।

 

How useful was this post?

Click on a star to rate it!

Average rating / 5. Vote count:

No votes so far! Be the first to rate this post.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *