श्रीनगर। हिज्बुल कमांडर बुरहान बानी की बरसी पर शनिवार 8 जुलाई को कश्मीर में कर्फ्यू लगा दिया गया है। साथ ही कश्मीर घाटी के शेष हिस्सों में लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है और कश्मीर में इंटरनेट सेवा को प्रतिबंधित कर दिया गया है। शनिवार को अलगाववादियों की रैली को नाकाम करने के लिए घाटी में पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की भारी संख्या में तैनाती की गई है।
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समस्त कश्मीर में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल और अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती भी की गई है। घाटी के हालात को देखते हुए कश्मीर में अमरनाथ यात्रा पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, कश्मीर के शोपियां और कुपवाड़ा जिले में भी कर्फ्यू लगाया गया है।
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अधिकारियों का कहना है कि ‘घाटी में अन्य जगहों पर लोगों की आवाजाही पर पाबंदी लगा दी गई है और इसे सख्ती से लागू किया जा रहा है।’ राज्य में विश्वविद्यालयों में शनिवार को होने वाली परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से अगले आदेश तक अमरनाथ यात्रा रद्द कर दी गई है।
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बता दें कि अगवादियों द्वारा हड़ताल की घोषणा के बाद घाटी में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि अभी तक स्थिति फिलहाल सामान्य और शांतिपूर्ण है। अमरनाथ यात्रा और कश्मीर में स्थिति को देखते हुए जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी संख्या में पुलिस बल और सशस्त्र सीमा बल को तैनात किया गया है।
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एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि घाटी में शांति बनाए रखने के लिए वानी के पैतृक शहर पुलवामा के त्राल में भी कर्फ्यू लगा दिया गया है। बता दें कि सैयद अली शाह गिलानी और मीरवाइज उमर फारूक के नेतृत्व वाले हुर्यित कांफ्रेंस के दोनों धड़ों और यासीन मलिक के जेकेएलएफ समेत कई अलगाववादी संगठनों ने लोगों से 36 किलोमीटर दूर त्राल तक मार्च के लिए आमंत्रित किया। वानी पिछले वर्ष 8 जुलाई को सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था।
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