बिहार के बेबस मजदूरों के लिए बिहार सरकार ने खोला खज़ाना, जारी किए 100 करोड़

बिहार के बेबस मजदूर

कोरोना के कारण पूरा देश लॉकडाउन है। इस दौरान देश के अलग-अलग इलाकों से आ रही तस्वीरों में बिहार के बेबस मज़दूरों की व्यथा झलक रही है। लॉकडाउन के दौरान  इन लोगों पर खाने के भी लाले पड़ गए हैं। कोई सुविधा न होने पर भी कई मज़दूर तो बड़े शहरों को छोड़कर अपने गावों की ओर पैदल ही बढ़ चले हैं।

Join Whatsapp Group Join Now
Join Telegram Group Join Now

बिहार सरकार ने दिल्ली में रह रहे प्रवासी मजदूरों की मदद के 100 करोड़ की राशि का प्रावधान किया है। इसके साथ ही बिहार सरकार ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। लोग इन नंबरों के जरिए सरकार द्वारा जारी मदद को प्राप्त कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें -   फिर से सताने लगा कोरोना संक्रमण का डर, लगातार बढ़ रहे नए कोरोना केस

हेल्पलाइन नंबर: 011-23792009, 011-23014326, 011-23013884

दिल्ली और देश के अन्य राज्यों में फंसे मजदूर इन नंबरों पर कॉल करके मदद ले सकते हैं। इन नम्बरों के ज़रिए मुख्य तौर पर तीन तरह की सहायता दिए जाने की व्यवस्था है। अगर कोई भी व्यक्ति इस नम्बर पर कॉल करके मदद मांगता है तो उसे उसी स्थान पर रहने और खाने के इंतज़ाम के साथ साथ कोरोना से बचने के लिए ज़रूरी सामान मुहैया करवाने की कोशिश की जा रही है।

बिहार सरकार की तरफ से जारी किए गए ये तीनों नम्बर 24 घंटे काम करेगी। वहीं बिहार भवन के स्थानिक आयुक्त विपिन कुमार इस पूरी व्यवस्था की देखरेख कर रहें हैं। इसके अलावा बिहार के वरिष्ठ मंत्री भी अलग अलग राज्य सरकारों से सम्पर्क कर इन प्रवासियों की मदद करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि ये प्रवासी जहां पर हैं, वहां पूर्ण रूप से इनके भोजन पानी की सहायता की जाए।

यह भी पढ़ें -   मजदूरों से किराया पर घमासान, तेजस्वी यादव ने कहा- 50 ट्रेनों का किराया राजद देगा

बता दें कि देश में कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों के बीच देश के अलग-अलग हिस्सों से ऐसी तस्वीरें भी सामने आई हैं जिसमें मजदूर पैदल ही अपने गृहप्रदेश की ओर कूच कर चुके हैं। इन लोगों के पास न तो खाने की व्यवस्था है और न ही पानी पीने की। कई मजदूरों की मदद के लिए दिल्ली सरकार ने भी व्यवस्था किया है।

Join Whatsapp Group Join Now
Join Telegram Group Join Now

Follow us on Google News

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए बने रहें हमारे साथ। लेटेस्ट न्यूज के लिए हन्ट आई न्यूज के होमपेज पर जाएं। आप हमें फेसबुक, पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब कर सकते हैं।