Soil Health Card Scheme क्या है? मृदा स्वास्थ्य प्रबन्धन योजना का कौन और कैसे ले सकता है? मृदा स्वास्थ्य प्रबन्धन योजना (Soil Health Card Scheme) उन किसानों के लिए है जिनकी उम्र 18 साल से ज्यादा और 40 साल से कम है। इस योजना के तहत युवा किसान अपने गांव में ही मृदा परीक्षण प्रयोगशाला (Soil Testing Laboratory) खोल सकते हैं।
केंद्र सरकार युवा किसानों को ग्रामीण स्तर पर मिनी मृदा परीक्षण प्रयोगशाला (Mini Soil Testing Laboratory) स्थापित करने के लिए 3.75 लाख रुपए देती है। मृदा स्वास्थ्य प्रबन्धन योजना (Soil Health Card Scheme) की शुरुआत 19 फरवरी 2015 को की गई थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को प्रत्येक दो वर्ष में मृदा स्वास्थ्य कार्ड (Soil Health Card) जारी करना है।
जानिए मृदा स्वास्थ्य प्रबन्धन योजना (Soil Health Card Scheme) के बारे में
इस योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 फरवरी 2015 को किया। इसकी शुरुआत सबसे पहले राजस्थान के सूरतगढ़ में हुई। मोदी सरकार की यह योजना किसानों के बीच काफी लोकप्रिय है। इस योजना में खेतों की मृदा के स्वास्थ्य को चेक किया जाता है और किसानों को मृदा संरक्षण (Soil Conservation) कैसे करें, इसकी जानकारी भी दी जाती है।
Soil Health Card Scheme के तहत मिट्टी के पोषक तत्वों की जांच की जाती है और इसके बारे में किसानों को बताया जाता है। यह योजना किसानों तक पहुंच रखने वाली सबसे बड़ी योजना है। 2015 से 2017 के दौरान इस योजना के माध्यम से 10.75 करोड़ किसानों को मृदा हेल्थ कार्ड (Soil Health Card) दिया गया था। दूसरे चक्र में 2017 से 2019 तक करीब लगभग 12 करोड़ किसानों का मृदा स्वास्थ्य कार्ड दिया जा चुका है।
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मृदा स्वास्थ्य प्रबन्धन योजना का लाभ कैसे लें?
अगर स्वयं सहायता समूह, कृषक सहकारी समितियां, कृषक समूह या कृषक उत्पादक संगठन इस प्रयोगशाला को स्थापित करता है तो उनको भी यह सहायता मिलेगी।
मृदा जांच प्रयोगशाला को दो तरीके से खोला जा सकता है। पहले तरीके में प्रयोगशाला एक दुकान किराये पर लेकर खोली जा सकती है। दूसरी प्रयोगशाला इससे भी छोटी होती है और उसे कहीं भी खेतों पर ले जाया जा सकता है। उसे MOBILE SOIL TESTING VAN कहते हैं।

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