Ganesh Chaturthi 2025: भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) का पर्व पूरे भारत में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान गणेश का अवतरण हुआ था। गणपति को विघ्नहर्ता और मंगलकर्ता माना जाता है, इसलिए इस दिन उनकी पूजा का विशेष महत्व है।
भक्त गणेश चतुर्थी पर गणेश जी की पूजा-अर्चना करते हैं और उन्हें प्रिय भोग लगाकर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गणेश चतुर्थी पर सही भोग लगाने से घर में सुख-समृद्धि आती है और हर मनोकामना पूरी होती है।
Ganesh Chaturthi पर बप्पा को लगाएं ये खास भोग
मोदक का भोग
गणपति बप्पा को मोदक सबसे प्रिय हैं। ऐसा कहा जाता है कि बिना मोदक के गणेश पूजा अधूरी मानी जाती है। घर पर बने मोदक और खासकर गुड़, नारियल और चावल के आटे से बने मोदक भगवान गणेश को अत्यंत प्रिय होते हैं। मान्यता है कि मोदक का भोग लगाने से जीवन में धन-धान्य की कमी नहीं रहती और घर में खुशहाली आती है।
फलों का भोग
गणेश जी को ताजे फल अर्पित करना भी बेहद शुभ माना जाता है। आम, केला, सेब और मौसमी फलों का भोग लगाने से भक्तों को आरोग्य और दीर्घायु का आशीर्वाद मिलता है। फलों का प्रसाद बांटने से परिवार और समाज में भी स्वास्थ्य और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
मिठाई का भोग
मोतीचूर के लड्डू, नारियल के लड्डू, बर्फी, श्रीखंड और जलेबी गणपति को अर्पित की जाने वाली खास मिठाइयाँ हैं। माना जाता है कि मिठाई का भोग जीवन में मिठास और समृद्धि लेकर आता है। साथ ही यह भोग लगाने से घर में सुख-शांति और वैभव की प्राप्ति होती है।
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भोग का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में भोग चढ़ाने की परंपरा सिर्फ स्वाद के लिए नहीं है बल्कि इसका आध्यात्मिक महत्व भी है। ईश्वर को भोग अर्पित करना दरअसल भक्त की कृतज्ञता का प्रतीक है। पूजा के बाद जब वही भोग प्रसाद बनकर भक्तों के बीच वितरित होता है तो इससे सामाजिक सौहार्द और एकता का संदेश भी मिलता है। भोग से भक्त और भगवान के बीच आस्था का गहरा संबंध स्थापित होता है।
क्यों जरूरी है भोग लगाना?
धार्मिक मान्यता है कि ईश्वर को भोग अर्पित करने से मनुष्य विनम्र बनता है और उसमें त्याग की भावना आती है। भोग लगाने से व्यक्ति आध्यात्मिक रूप से समृद्ध होता है और जीवन में शांति बनी रहती है। यही कारण है कि हर त्योहार पर भोग लगाने की परंपरा है। गणेश चतुर्थी पर बप्पा को उनका प्रिय भोग लगाना न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से जरूरी है बल्कि यह परिवार की उन्नति और सुख-समृद्धि का भी मार्ग भी खोलता है।
नोट- यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। ज्यादा जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ से संपर्क करें।

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