1 अप्रैल से खत्म हो जाएगा इन बैंकों का वजूद, कुछ वस्तुओं पर अतिरिक्त टैक्स

1 अप्रैल

नई दिल्ली। 1 अप्रैल से देश में नया वित्तीय वर्ष 2020-21 शुरु हो रहा है। कोरोना वायरस के चलते इससे पहले सोमवार को ही साफ कर दिया कि काम में आ रही दिक्कतों को देखते हुए मौजूदा वित्तीय वर्ष का कोई विस्तार नहीं किया गया है। अफवाहों के फैलने पर सरकार की तरफ से साफ कर दिया गया कि वित्त वर्ष को बढ़ाने वाली खबरें फर्जी हैं।

ज्ञातव्य है कि भारत में वित्त वर्ष की अवधि 1 अप्रैल से 31 मार्च तक की होती है। केंद्र सरकार ने सोमवार को एक बजट नोटिफिकेशन जारी कर इसमें स्टॉम्प ड्यूटी कलेक्शन की तारीखों में बदलाव की जानकारी दी। इस बदलाव के तहत स्टॉक एक्सचेंजों और डिपॉजिटरीज के माध्यम से सिक्युरिटी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स पर स्टॉम्प ड्यूटी कलेक्ट की जाएगी। पहले यह बदलाव एक अप्रैल 2020 से लागू होना था, लेकिन अब 1 जुलाई 2020 से लागू होगा।

1 अप्रैल से इन क्षेत्रों में होंगे बड़े बदलाव

बैंकों का होगा विलय

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1 अप्रैल से देश के 10 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को मिलाकर 4 बड़े बैंक बन जाएंगे। इनमें पंजाब नेशनल बैंक में ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक का विलय होगा। इस विलय के बाद बनने वाला बैंक देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक होगा। कैनरा बैंक के साथ सिंडिकेट बैंक का विलय होगा। विलय के बाद यह देश का चौथा सबसे बड़ा बैंक बन जाएगा।

यूनियन बैंक का आंध्रा बैंक और कॉरपोरेशन बैंक के साथ विलय होगा। विलय के बाद बनने वाला बैंक देश का पांचवां सबसे बड़ा सरकारी बैंक होगा। इंडियन बैंक और इलाहाबाद बैंक के विलय के बाद बनने वाला बैंक देश का सातवां सबसे बड़ा बैंक होगा। उल्लेखनीय है कि सरकार ने पिछले साल अगस्त में बड़ा फैसला लेते हुए सार्वजनिक क्षेत्र के 10 बैंकों का विलय कर चार बैंक बनाने की घोषणा की थी। इससे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की संख्या घटकर 12 पर आ गयी जो 2017 में 27 थी।

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क्लीन ऑयल की सप्लाई: देशभर में BS-6 पेट्रोल-डीजल की सप्लाई होगी। पेट्रोल वाली कारों में नाइट्रोजन ऑक्साइड का उत्सर्जन 25% तक और डीजल कारों में 70% तक घटेगा।

मोबाइल फोन होगा महंगा: मोबाइल कीमतों पर नई जीएसटी दरें लागू होगी। 1 अप्रैल से मोबाइल खरीदने वाले ग्राहकों को ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे। नए वित्त वर्ष में मोबाइल पर 12 फीसदी की जगह 18 फीसदी की दर से टैक्स लगेगा।

दवाई के श्रेणी में अब मेडिकल डिवाइस: सभी मेडिकल डिवाइस ड्रग्स के दायरे में आएंगी। ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट की धारा 3 के तहत इंसानों और जानवरों पर इस्तेमाल होने वाले उपकरण दवा की श्रेणी में होंगे।

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रिटायरमेंट के बाद ज्यादा मिलेगी पेंशन: एम्प्लॉई पेंशन स्कीम के नए नियम लागू होने के बाद रिटायरमेंट के 15 साल बाद फुल पेंशन की व्यवस्था यानी अप्रैल 2005 से पहले रिटायर करीब 6 लाख लोगों को ज्यादा पेंशन मिलेगी।

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