पुणे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने बुधवार को महाराष्ट्र के पुणे में राष्ट्रीय बैंक प्रबंधन संस्थान (एनआईबीएम) की स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित किया। एनआईबीएम संस्थान को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि बैंक हमारी आर्थिक प्रणाली की धुरी हैं। इस भूमिका में बैंकों की सक्षमता से उन्हें लोगों का विश्वास और सम्मान मिला है।
राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे संविधान में सभी नागरिकों के लिए आर्थिक न्याय का वादा किया गया है। बैंकों को इस संवैधानिक संकल्प को पूरा करने में महत्वपूर्ण वाहन समझा जाता है। उन्होंने पारम्परिक भूमिका से आगे वित्तीय बिचौलिया बनने के लिए बैंकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह सराहनीय है कि हमारे बैंकों ने स्वयं को अभिजात्य वर्गों की सेवा से अलग आम जन की सेवा में प्रस्तुत किया है।
उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत गरीब और जरूरतमंद लोगों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से राशि पहुंचने से लाखों लोगों की जिंदगी प्रभावित हुई है। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद बैंकों को विकास और समानता सुनिश्चित करने के लिए सामाजिक संविदा का हिस्सा माना जाता था।
देश की आर्थिक प्रणाली में बैंकों के महत्व पर विचार करते हुए 1949 में बैंकिंग नियमन अधिनियम लागू किया गया। हमारे देश निर्माता सार्वजनिक विश्वास के वाहक की भूमिका में बैंकों के महत्व के प्रति बहुत सचेत थे। राष्ट्रपति ने सभी बैंकरों से राष्ट्रनिर्माताओं के इस सोच के अनुसार अपने कार्यों के बारे में निर्णय करने का आग्रह किया।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रीय बैंक प्रबंधन संस्थान में अपने संबोधन में कहा कि सार्वजनिक धन के संरक्षण के रूप में अर्थव्यवस्था में बैंकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। बैंकों को सभी संभव विवेकपूर्ण उपाए करने होंगे, ताकि जनता के साथ बैंकों का विश्वास किसी भी हालत में न टूटे। उन्होंने कहा कि जमा बीमा कवरेज 1 लाख रूपये से बढ़ाकर 5 लाख रूपये करने का हाल का प्रस्ताव बचतकर्ताओं को आश्वास्त करने के लिए सकारात्मक कदम है।
यह भी ट्रेंड में है 😊👇

Adar Poonawalla Net Worth: क्या अदार पूनावाला खरीद सकते हैं RCB? जानिए कितनी है वैक्सीन किंग की कुल संपत्ति
Adar Poonawalla का नाम आईपीएल फ्रेंचाइजी RCB को खरीदने की संभावनाओं से जुड़ रहा है।…

Cibil Score: RBI का नया 15 तारीख वाला नियम, सही समझे तो स्कोर रहेगा 750+, नहीं तो गिरेगा तेजी से
Cibil Score: RBI के 15 तारीख वाले नए नियम से अब हर ग्राहक के लिए…

Post Office PPF Scheme 2025: हर साल ₹50,000 जमा करें और 15 साल बाद मिलेगा इतना रुपया
Post Office PPF Scheme 2025: अगर आप सुरक्षित निवेश करना चाहते हैं और लंबी अवधि…
उन्होंने कहा कि भारत विश्व की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। भारत के विकास में बैंकों को निरंतर भूमिका निभानी है। भारत का लक्ष्य 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का है और बैंकिंग क्षेत्र को अगली बड़ी छलांग लगाने के लिए तैयारी शुरू करनी पड़ेगी। इसमें बेसहारा लोगों के साथ बैंकिंग और असुरक्षित लोगों को सुरक्षित करना शामिल है।
राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय बैंक प्रबंधन संस्थान (एनआईबीएम) से वैश्विक मानकों के बैंकिंग संस्थानों में सेवा के लिए कुशल प्रशिक्षित मानव संसाधन का पूल बनाने की जिम्मेदारी संभालने का आग्रह किया। राष्ट्रपति ने कहा कि अधिक से अधिक पहुंच और सक्षमता के साथ बैंक भारत की भविष्य की यात्रा में बड़ी मदद कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अपनी अर्थव्यवस्था के बढ़ते आकार को देखते हुए हमें विश्व के शीर्ष 100 बैंकों में एक से अधिक बैंकों को शामिल कराने का लक्ष्य रखना चाहिए।

देश और दुनियाँ की ताजा खबरों के लिए बने रहें हमारे साथ। लेटेस्ट न्यूज के लिए Huntnews.Com के होमपेज पर जाएं। आप हमें फेसबुक, पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब कर सकते हैं।

































