MSME Full Form in Hindi – MSME की परिभाषा, Types और Benefits क्या है?

MSME Full Form in Hindi

MSME Full Form in Hindi – एमएसएमई क्या है? MSME की परिभाषा क्या है? कोरोना लॉकडाउन में हुए नुकसान की भरपाई के लिए हाल ही में केंद्र सरकार ने एमएसएमई (MSME) के कई तरह की घोषणाएँ की थी। यह एमएसएमई क्या होता है? वास्तव में एमएसएमई (MSME) एक स्कीम है। इसके तहत केंद्र सरकार लघु और सूक्ष्म उद्योगों को बढ़ावा देने का काम करती है। हाल के दिनों में केंद्र सरकार ने एमएसएमई के लिए कई प्रकार की वित्तीय घोषणा भी की थी। आइए आपको Full form of MSME, Types and Benefits के बारे में विस्तार से जानकारी देते हैं।

MSME Full Form or Meaning in Hindi – एमएसएमई की फुल फॉर्म क्या होता है?

सबसे पहले आप MSME का Full Form समझ लीजिये। इससे एमएसएमई संस्थाओं को जानने में मदद मिलेगी। MSME का Full Form होता है Micro, Small and Medium Enterprises – माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइज। हिंदी में इसे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग भी कहा जाता है।

एमएसएमई के माध्यम से कई तरह की योजनाओं का लाभ आसानी से उठाया जा सकता है। भारत सरकार ने लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए एमएसएमई स्कीम की शुरुआत की थी। भारत सरकार ने मुख्य रूप से छोटे और मध्यम आकार के व्यापार को विकसित करने के लिए जरूरत के मुताबिक वित्तीय और अन्य सहायता देने के उद्देश्य से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (Micro, Small and Medium Enterprises) अधिनियम का गठन 2006 में किया था।

यह भी पढ़ें -   Soil Health Card Scheme क्या है, कैसे ले सकते हैं इसका लाभ?
एमएसएमई के प्रकार – Types of MSME in India

एमएसएमई (MSME) मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है। एक मैनुफैक्चरिंग उद्योग (Manufacturing Enterprise) और दूसरा सर्विस सेक्टर (Manufacturing Enterprise)।

  1. मैनुफैक्चरिंग उद्योग (Manufacturing Enterprise) – मैनुफैक्चरिंग उद्योग में नई वस्तुओं को बनाने का कार्य किया जाता है। निर्माण से संबंधित कार्य करने वाले उद्योगों को Manufacturing Enterprise के तहत रखा जाता है।
  2. सर्विस सेक्टर (Service Enterprise) – सर्विस सेक्टर में मुख्य रूप से विभिन्न सेक्टरों में सेवा प्रदान करने वाले संस्थाओं को रखा जाता है। इस क्षेत्र को सेवा क्षेत्र के नाम से भी जाना जाता है। यह सेक्टर लोगों और संस्थाओं को अलग-अलग क्षेत्रों में सेवा देने का कार्य करती है।
एमएसएमई (MSME) की नई परिभाषा के मुताबिक अब उद्योगों को वार्षिक टर्नओवर के अनुसार वर्गीकृत किया गया है।
  • माइक्रो या सूक्ष्म उद्योग (Micro Enterprises) – 5 करोड़ से कम सालाना टर्नओवर वाले उद्योगों को इस दायरे में रखा गया है।
  • लघु उद्योग (Small Enterprises) – 5 करोड़ से 75 करोड़ के बीच सालाना टर्नओवर वाले उद्योगों को इस दायरे में रखा गया है।
  • मध्यम उद्योग (Medium Enterprises) – 75 करोड़ से 250 करोड़ के बीच सालाना टर्नओवर वाले उद्योगों को इस दायरे में रखा गया है।
2020 में हुए बदलाव के बाद एमएसएमई की नई परिभाषा

भारत सरकार ने जून 2020 में कोरोना लॉकडाउन के बाद राहत पैकेज की घोषणा ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान की शुरुआत करते हुए किया था। 2020 में एमएसएमई सेक्टर की परिभाषा में वित्त मंत्रालय द्वारा बदलाव किया गया था।

यह भी पढ़ें -   HDFC Full Form in Hindi - एचडीएफसी बैंक का फुल फॉर्म क्या है?

सूक्ष्म उद्योग (Micro Enterprises) – 1 करोड़ तक इन्वेस्टमेंट और 5 करोड़ तक के टर्नओवर वाले उद्योगों को सूक्ष्म उद्योग (Micro Enterprises) का दर्जा दिया गया है। इसमें मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस दोनों सेक्टर को रखा गया है।

लघु उद्योग (Small Enterprises) – 10 करोड़ तक का इन्वेस्टमेंट और 50 करोड़ के टर्नओवर वाले उद्योगों को लघु उद्योग (Small Enterprises) दर्जा दिया गया है। इसमें मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस दोनों सेक्टर को रखा गया है।

मध्यम उद्योग (Medium Enterprises) – 30 करोड़ तक का इन्वेस्टमेंट और 100 करोड़ तक के टर्नओवर वालों को मध्यम उद्योगों (Medium Enterprises) की श्रेणी में रखा गया है। इसमें भी मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस दोनों सेक्टर को रखा गया है।

MSME Online Registration Process – एमएसएमई के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कैसे करें?
  1. MSME Registration के लिए सबसे पहले सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम के वेबसाइट (MSME Website) पर जाएं।
  2. इसके बाद क्विक लिंक पर क्लिक करें या फिर पेज को नीचे करने पर Udyam Registration (Online Registration for MSME) का ऑप्शन मिलेगा। उसपर क्लिक करें।
  3. उसके बाद एक नई वेबसाइट udyamregistration.gov.in खुलेगी। यहां पर For New Entrepreneurs पर क्लिक करें।
  4. अब एक फॉर्म खुलेगा। फॉर्म में अपना आधार नंबर डालें और अपना नाम (जिसके नाम पर उद्योग है) भरकर Validate & Generate OTP पर क्लिक करें।
  5. इसके बाद आपका आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाएगा। ओटीपी को को एंटर कर दें।
  6. OTP डालने के बाद एक नया फॉर्म खुलेगा। यहां पर New Registration पर क्लिक करें।
  7. अब आपके सामने एक फॉर्म खुलकर आएगा। इसमें अपने कारोबार की सारी जानकारियां भरकर Submit Button पर क्लिक कर दें।
  8. सब्मिट करने के बाद आपके ईमेल पर तुरंत ही रजिस्ट्रेशन नंबर (MSME Certificate) जारी कर दिया जाएगा। बता दें कि MSME Registration Certificate केवल ऑनलाइन (Online) ही जारी किया जाता है।
यह भी पढ़ें -   बीजेपी का इतिहास: 40 वर्षों के संघर्ष ने पहुंचाया सत्ता के शिखर पर
MSME के फायदे क्या हैं? MSME benefits in hindi

* MSME Registration के बाद आसानी से लोन (MSME Loans) मिल जाता है। कम ब्याज पर मुद्रा स्कीम का लाभ (MUDRA Scheme Benefits) मिल सकता है। इसके तहत कम ब्याज पर वित्तीय कंपनियाँ आसानी से लोन दे सकती है।

* एमएसएमई पंजीकरण (MSME Registration) के बाद आपकी Cost कम हो जाएगी। केंद्र सरकार की अलग-अलग योजनाओं में सब्सिडी भी निर्माता को प्रदान की जाती है। जीएसटी (GST) में भी छूट मिलती है और कई सारे Tax Benefits भी मिलते हैं।

* एमएसएमई पंजीकरण के बाद विदेशी एक्सपो में भी भाग ले सकते हैं और इसके लिए सरकार की तरफ से सब्सिडी भी मिलती है।

* MSME रजिस्ट्रेशन के बाद कई सारी सरकारी स्कीम्स का लाभ उठा सकते हैं और सरकार द्वारा कई तरह की स्कीम्स के तहत सब्सिडी भी दी जाती है। जिन सरकारी स्कीम्स में MSME Registration अनिवार्य है, वहां पर बिना एमएसएमई में रजिस्ट्रेशन के उसका लाभ नहीं ले सकेंगे।