नई दिल्ली। शुक्रवार को शाम को इंडोनेशिया में आए 7.5 तीव्रता के भूकंप से 400 लोगों की मौत हो गई है। भूकंप के बाद इंडोनेशिया में सूनामी की ऊंची लहरें उठी। तस्वीरों में साफ देख सकते हैं कि प्रकृति ने किस कदर कहर ढाया है। घटना में कई लोगों के घायल होने की भी खबर है। सैकड़ों लोग इस आपदा के बाद से लापता हैं, जिन्हें तालाश करने के लिए आपदा और राहत बचाव कार्य किया जा रहा है।
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खबरों के मुताबिक, भूकंप में 500 से ज्यादा लोग घायल हैं। स्थानीय अस्पताल में घायल और उनके परिवार वालों की काफी भीड़ लगी हुई है। बताया जा रहा है कि भूकंप का केंद्र पालू शहर से 78 किलोमीटर की दूरी पर था। अमेरिकी भूगर्भ सर्वे के मुताबिक, शुक्रवार को मध्य सुलावेसी के डोंग्गाला कस्बे में आए इस भूकंप की तीव्रता 7.5 थी। यह तीव्रता इस साल की शुरुआत में लोमबोक द्वीप में आए भूकंप से कहीं अधिक थी, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए थे।

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भूकंप के बाद इंडोनेशिया में घायलों की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ गई है। घायलों की संख्या इतनी ज्यादा है कि उसका इलाज खुले में किया जा रहा है। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो के मुताबिक, त्रासदी वाली जगह पर मदद के लिए सेना को लगाया गया है। खबरों के मुताबिक, जिन इमारतों को ज्यादा नुकसान हुआ है, उनमें 80 कमरों वाला एक होटल भी है। साथ ही त्रासदी में कई मस्जिदों के भी तबाह होने की खबर है।
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समुद्र तट पर जश्न में पहुंचे थे लोग
आपदा एजेंसी के मुताबिक, शुक्रवार की रात को भूकंप और सूनामी आने से पहले समुद्र तट पर काफी लोग पहुंचे थे। एजेंसी के मुताबिक, उस रात वहां समुद्र तट पर कोई जश्न होना था। लोग उसी में शामिल होने के लिए पहुंचे थे और उसी की तैयारियों में लगे हुए थे। राहत एवं बचाव कार्य दल फिलहाल रेत से और शवों को निकालने का प्रयास कर रही है।
गौरतलब है कि इससे पहले दिसंबर 2004 में भी इंडोनेशिया के सुमात्रा में 9.3 तीव्रता का भूकंप आया था। उस भूकंप के बाद हिन्द महासागर में भयंकर सूनामी की लहरें उठी थी। जिसमें भारत सहित कई देशों में 2,20,000 लोग मारे गए थे।
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